सावन का पहला सोमवार, बम-बम भोले के जयकारों से गूंजा अंबाला का 200 साल पुराना कैलाश हाथीखाना मंदिर

अंबाला, 3 अगस्त आज सावन का पहला सोमवार है। आज पूरा भारत वर्ष भगवान शिवजी के रंग में रंगा हुआ है और बम बोल के…

सावन

अंबाला, 3 अगस्त

आज सावन का पहला सोमवार है। आज पूरा भारत वर्ष भगवान शिवजी के रंग में रंगा हुआ है और बम बोल के जयकारो से गूंज रहा है। वहीँ पूरे देश की तरह हरियाणा के अंबाला के प्राचीन कैलाश हाथीखाना में भी भक्तो की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। अंबाला के 200 साल पुराने कहे जाने वाले इस प्राचीन कैलाश हाथीखाना मंदिर में सुबह 4 बजे से ही भक्तो का तांता लगना शुरू हो जाता है।

ऐसा कहा जाता है कि सावन मास के 4 सोमवार सच्ची श्रद्धा से भगवान शिव की आराधना करना 16 सोमवार के बराबर माना जाता है। ऐसी भी मान्यता है कि जो भी भक्त अपनी मनोकामना लेकर आता है उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। ये मंडी 1844 में बना था ।

भगवान शिव की आराधना का महीना सावन इस बार 30 जुलाई से शुरू हुआ है। वैसे तो सावन का पूरा महीना ही भगवान शिव की भक्ति के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन आज पहला सोमवार है और इस महीने में आने वाले सभी सोमवार का अपना अलग महत्व है। सावन के महीने में भगवान शिव की आराधना के लिए मंदिरो में भक्तो की लम्बी लम्बी कतारें दिखाई दे रही है।

अंबाला के प्राचीन कैलाश हाथीखाना मंदिर का इतिहास 200 सालों से भी पुराना है यहाँ आम तौर पर ही भक्तो की भीड़ दिखाई देती है, लेकिन सावन के महीने में यहाँ भक्तो की तादाद बढ़ जाती है। यहां माथा टेकने आने वालो की पूरी श्रद्धा भगवान शिव के प्रति दिखाई देती है। भक्तो का मानना है कि सावन के महीने में भगवान शिव खुद यहाँ विराजमान रहते हैं ,सच्चे मन से जो भी मांगा जाए, वो मनोकामना पूर्ण होती है।

मंदिर के पुजारी मोहन दास ने बताया कि इस मंदिर की स्थापना 1844 में हुई थी और इसकी मान्यता ये है कि यहां पर अंग्रेज हाथी बांधा करते थे और यहां से खजाने दिल्ली तक जाते थे । उन्होंने बताया कि यहां पर जो भी भक्त श्रद्धा भाव से आता है उसकी हर मनोकामना पूरी होती है।

अन्य खबरें जानें –

NUH में पहले सावन सोमवार पर नलेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, मंदिर परिसर में भक्तों ने लगाए “बम-बम भोले” के जयघोष

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *