पलवल, 25 जुलाई
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पलवल स्थित श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में रिव्यू मीटिंग ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय में OSD डॉ. राज नेहरू,श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरू दिनेश कुमार भी मौजूद थे। हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि रिव्यू मीटिंग के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में रोजगार उन्मुख शिक्षा प्रणाली लागू की जाए। उन्होंने कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय द्वारा इंडस्ट्रीज के साथ जो MoU साइन किए गए है। उसे लेकर विस्तृत चर्चा की गई है।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार किस प्रकार का पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। वह युवाओं के लिए कितना लाभकारी है,और समाज पर इसका क्या प्रभाव दिखाई देगा। विषयों को लेकर चर्चा की गई।महिपाल ढांडा ने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवाओं के लिए कौशल विकास, प्रायोगिक ज्ञान और समग्र प्रगति का मार्ग प्रशस्त करती है। यह नीति युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाने पर जोर देती है। उन्होंने कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय देश की पहली स्किल यूनिवर्सिटी है,जहां पर युवाओं को शिक्षा के साथ साथ रोजगार सृजन के बारे में सिखाया जा रहा है ताकि यूनिवर्सिटी से बाहर जाने के बाद युवा आत्मनिर्भर बने। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुसार भारत लगातार आगे बढ़ रहा है।
हरियाणा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू कर दिया है। नई शिक्षा नीति के परिणाम आने वाले समय में स्पष्ट नजर आएगें। महिपाल ढांडा ने कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के रीजनल सेंटर खोलने के बारे में भी चर्चा की गई है। प्रदेश में चार पांच रीजनल सेंटर बनाए जाएंगे। इसके अलावा लॉ यूनिवर्सिटी के सेंटर भी खेलने का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। ताकि युवाओं को बेहतर शिक्षा प्राप्त हो सके।
अन्य खबरें जानें-

