हांसी, 17सितबंर
हांसी नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने गांव कुतुबपुर में आयोजित नशा मुक्ति कार्यक्रम में पहुंचकर विद्यार्थियों, युवाओं, बुजुर्गों तथा ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।
SP ने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया। SP विनोद कुमार ने कहा कि “नशा बेचने वाला और नशा तैयार करने वाला नशे से नहीं मरता, बल्कि नशा ग्रहण करने वाला व्यक्ति नशे से मरता है।” उन्होंने कहा कि नशा किसी एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरे परिवार, गांव और समाज पर पड़ता है। नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य को बर्बाद करने के साथ-साथ उसे अपराध की ओर भी धकेल सकती है।
SP ने कहा कि नशे की पूर्ति के लिए नशा करने वाला व्यक्ति चोरी, लूट, छीना-झपटी सहित अन्य अपराधों का सहारा ले सकता है। इसलिए नशे को केवल एक सामाजिक बुराई के रूप में नहीं, बल्कि अपराध को बढ़ावा देने वाली गंभीर समस्या के रूप में भी समझने की आवश्यकता है। नशा पहले व्यक्ति को खत्म करता है और उसके बाद परिवार व समाज को प्रभावित करने में देर नहीं लगती।
SP ने कहा कि हांसी पुलिस द्वारा नशा बेचने और नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ लगातार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। लेकिन केवल पुलिस कार्रवाई से नशे की समस्या का पूरी तरह समाधान संभव नहीं है। इसके लिए पुलिस और आमजन को मिलकर काम करना होगा।
SP ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि गांव में यदि कोई व्यक्ति नशा बेचता है, नशा तैयार करता है अथवा नशे की खरीद-फरोख्त में संलिप्त है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। नशे से संबंधित सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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