Nag Panchami 2024: श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागों की पूजा का पर्व मनाया जाता है. इस दिन नागों की या सर्प की पूजा करके आध्यात्मिक शक्ति, सिद्धियां और धन प्राप्ति की जा सकती है. अगर कुंडली में राहु केतु की स्थिति ठीक ना हो तो इस दिन विशेष पूजा करके लाभ पाया जा सकता है. इस साल नाग पंचमी का पर्व 9 अगस्त यानी आज मनाई जा रही है. (Nag Panchami 2024)
ज्योतिष के अनुसार, नाग पंचमी के दिन कालसर्प दोष और आर्थिक तंगी से भी मुक्ति पाई जा सकती है. ज्योतिष में वर्णित सबसे खतरनाक दोषों में से एक है कालसर्प दोष. कालसर्प दोष का दूसरा नाम पाष दोष है. यह दोष जातक के पूर्व जन्म के कर्मों और उसकी मृत्यु की प्रकृति के अनुसार इस जन्म से बनता है.
ज्योतिष की परिभाषा के अनुसार, किसी जातक की जन्म कुंडली में जब राहु या केतु पहले स्थान में चंद्रमा या शुक्र के साथ हो उस जातक की कुंडली में नाग दोष बनता है. तो आइए जानते हैं कि नाग पंचमी के दिन कौन से उपाय करने चाहिए.
नागपंचमी के दिन किए जाने वाले उपाय (Nag Panchami upay)
– कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए नागपंचमी के दिन किसी शिवमंदिर में जाकर सेवा करें और उस दिन मंदिर में साफ सफाई का कार्य भी करें.
– कालसर्प दोष होने पर नाग पंचमी के दिन भगवान शिव का पूजन करें और उस दौरान महामृत्युंजय का जाप जरूर करें. साथ ही इस दिन गंगाजल में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें.
– अगर किसी जातक की कुंडली में कालसर्प दोष चल रहा है तो नागपंचमी के दिन चांदी के नाग नागिन का जोड़ा लें और उसकी पूजा अर्चना कर उसे बहती नदी में प्रवाहित कर दें. ऐसा करने से कालसर्प दोष का प्रभाव कम हो जाता है.
नाग पंचमी पूजन विधि (Nag Panchami Pujan Vidhi)
– सुबह-सुबह स्नान कर भोलेनाथ की पूजा करें. बेलपत्र और जल से उनका अभिषेक करें. इसके बाद शिवजी के गले में विराजमान नागों की पूजा करें.
– नागों को हल्दी, रोली, चावल और फूल अर्पित करें. इन्हें चने, खील बताशे और कच्चा दूध प्रतिकात्मक रूप से अर्पित करें.
– घर के मुख्य द्वार पर गोबर, गेरू या मिट्टी से सर्प की आकृति बनाएं और इसकी पूजा करें. मान्यता है कि घर के मुख्य द्वार पर सर्प की आकृति बनाने से आर्थिक लाभ होता है, वहीं घर पर आने वाली विपत्तियां भी टल जाती हैं.



