सोनीपत, 29 अगस्त
सोनीपत के गन्नौर थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पोक्सो) ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा अपहरण के मामले में भी दोषी को तीन वर्ष के कठोर कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न देने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अधिवक्ता वीरेंद्र खत्री ने बताया कि 23 दिसंबर 2024 को एक 13 वर्षीय नाबालिग के साथ आरोपी ने खेतों में ले जाकर दुष्कर्म किया था। पीड़िता के पिता ने 24 दिसंबर 2024 को गन्नौर थाना पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि आरोपी उनकी बेटी को मोटरसाइकिल पर बैठाकर खेतों की तरफ ले गया और वहां उसके साथ गलत काम किया।
शिकायत मिलने के बाद गन्नौर थाना पुलिस ने FIR नंबर 535 दिनांक 24 दिसंबर 2024 दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद मामला अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले से संबंधित साक्ष्य और दस्तावेज अदालत के समक्ष रखे।मामले की सुनवाई सोनीपत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पोक्सो) के न्यायालय में हुई। न्यायालय के आदेश के अनुसार आरोपी सुनील उर्फ सन्नी पुत्र ईश्वर को पोक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धारा के तहत अपहरण के अपराध में तीन वर्ष के कठोर कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई गई। अदालत के आदेश में दोनों अपराधों के लिए अलग-अलग सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
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