ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: कोरोना वायरस से चीन में मरने वालों की संख्या 820 पर पहुंच गई है। साथ ही वायरस के 38,000 से ज्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है। यहां पर कोरोना वायरस ने बेहद खतरनाक रुप ले लिया है।चीन के वुहान शहर में सड़क पर लोगों के शव मिल रहे हैं। वही अब चीन की मुशिकलें कम होने का नाम नहीं ले रही है।
‘एनसीपी’ के नाम से जाना जाएगा वायरस
वहीं अब चीन ने कोरोनावायरस का नाम बदल दिया है। चीनी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने इस कोरोनावायरस को एक आधिकारिक नाम दे दिया है, अब ये वायरस नोवल कोरोनावायरस या ‘एनसीपी’ के नाम से जाना जाएगा। वायरस के नामकरण का फैसला ‘इंटरनेशनल कमिटी ऑन टैक्सोनॉमी ऑफ वाइरस’ ने किया है।
भारत में प्रवेश पर प्रतिबंध – DGMA
इससे पहले नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGMA ने कोरोना वायरस की फैलती महामारी को लेकर एहतियातन चीन जाने वाले या फिर चीन से आने वाले सभी विदेशियों के भारत में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। DGMA ने इस बात का आदेश भी जारी करते हुए कहा कि,जो 15 जनवरी 2020 को या उसके बाद चीन गए हैं, उन सभी लोगों को भारत में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। DGMA की तरफ से जारी आदेश में कहा गया, कि जो विदेशी 15 जनवरी, 2020 या उसके बाद चीन गए हैं उन्हें भारत-नेपाल, भारत-भूटान, भारत-बांग्लादेश और भारत-म्यांमार समेत किसी भी हवाई, भूमि, बंदरगाह या भारत की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। है।
चीन से लौटा छात्र अस्पताल में भर्ती
वहीं बिहार में चीन से लौटे छात्र को कोरोनावायरस का संदिग्ध मरीज के तौर पर गया के सरकारी अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। जानकारी देते हुए डाँक्टर ने बताय कि छात्र को सर्दी और खांसी है, इसलिए उसे एहतियात बरतते हुए आसोलेशन वार्ड में रखा है।
कोरोनावायरस ने सार्स को छोड़ा पीछे
इससे पहले चीन में फैले कोरानावायरस से मरने वालों का आंकड़ा 17 साल पहले सार्स वायरस के कारण हुई मौतों से अधिक हो गया है। सार्स वायरस 2003 में फैला था और सार्स वायरस के कारण 774 लोगों की जान गई थी।


