शिमला, 10 सितंबर
कांग्रेस के गढ़ शिमला जिला में भाजपा ने करीब 25 वर्षों के बाद जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर कब्जा कर इतिहास बनाया है। गुरुवार को बचत भवन में आयोजित चुनाव में भाजपा समर्थित जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह सिसोदिया अध्यक्ष और निर्दलीय भरत सिंह कलान्टा उपाध्यक्ष पद पर चुने गए हैं।
अध्यक्ष पद के लिए भूपेंद्र सिंह सिसोदिया को 13 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र रेटका को 10 मत प्राप्त हुए, जबकि दो वोट इनवेलिड हुए। वहीं उपाध्यक्ष पद पर भरत सिंह कलान्टा को 14 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की मीनाक्षी को 10 मत मिले और एक वोट रद्द हुआ। शिमला जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर वर्षों बाद भाजपा के काबिज होने पर भाजपा ने इसे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के खिलाफ जनादेश बताया है।
सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि शिमला जिला परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की सीट पर भाजपा कई वर्षों बाद काबिज हुई है। यह जीत बताती है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार को शिमला जिले ने भी रिजेक्ट कर दिया है। यह 2027 चुनाव की शुरुआत है और भाजपा 2027 में सत्ता में काबिज होने वाली है।
जिला अध्यक्ष का कहना है कि जनता की समस्याओं के समाधान का रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे और सरकार के समक्ष जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा।उन्होंने कहा कि चुनाव में सरकार ने देरी की और यही वजह है कि सरकार के खिलाफ लोगों में गुस्सा है। अगर चुनाव समय पर हो जाते तब भी परिणाम यही रहता, लेकिन चुनाव में देरी की वजह से लोगों में ज्यादा गुस्सा देखने को मिला है।
गौरतलब है कि शिमला जिले में 8 विधानसभा क्षेत्र में से 7 पर कांग्रेस के विधायक जीते हुए हैं जिसमें 3 मंत्री के पद पर है । बावजूद इसके जिला परिषद सीट बचाने में कांग्रेस कामयाब नहीं हुई है जो कांग्रेस के लिए बेहद निराशाजनक है। वहीं दूसरी ओर भाजपा जीत से गदगद है और इसे 2027 के चुनावों का शंखनाद करार दे रही है।
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