बीएपीएस स्वामीनारायण शोध संस्थान ने ‘Effective Writing’ पर सेमिनार का किया आयोजन

BAPS Swaminarayan Shodh Sansthan: बीएपीएस (BAPS) स्वामीनारायण शोध संस्थान द्वारा स्वामीनारायण अक्षरधाम, नई दिल्ली में “प्रभावी लेखन” पर केन्द्रित एक विशेष संगोष्ठी एवं कार्यशाला का…

BAPS Swaminarayan Shodh Sansthan: बीएपीएस (BAPS) स्वामीनारायण शोध संस्थान द्वारा स्वामीनारायण अक्षरधाम, नई दिल्ली में “प्रभावी लेखन” पर केन्द्रित एक विशेष संगोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रभावी एवं सार्थक लेखन शैली के बारे में जागरूकता बढ़ाना तथा प्रतिभागियों को इस विषय पर उचित प्रशिक्षण प्रदान करना था. कार्यक्रम में विभिन्न कार्य क्षेत्रों से 200 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.

इस अवसर पर प्रोफेसर रमेश भारद्वाज (Vice Chancellor, Maharishi Valmiki Sanskrit University, Haryana), प्रोफेसर सच्चिदानंद मिश्र (Member Secretary, Indian Council of Philosophical Research), प्रोफेसर भागीरथी नंदा (Professor, Lal Bahadur University, New Delhi), अनिरुद्ध शर्मा (Deputy Editor, Dainik Bhaskar), धर्मेंद्र कुमार (Director, Patanjali IAS Classes) तथा न्यायमूर्ति अभिलाषा कुमारी (Former Chief Justice, Manipur High Court and Former Judicial Member, Lokpal) उपस्थित थे.

पहला सत्र दोपहर 1:30 बजे पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन समारोह के साथ शुरू हुआ. अपने स्वागत भाषण में बीएपीएस के वरिष्ठ संत नारायणमुनिदास स्वामी ने कहा, “शब्द हमारे बौद्धिक पक्ष को प्रभावित करते हैं, जबकि भावनाएं हमारे दिल को छूती है.  रामायण दुनिया का पहला काव्य ग्रंथ है जिसमें महर्षि वाल्मीकि ने अपने अनुभवों के माध्यम से भगवान राम के जीवन का चित्रण किया है. जब हम अपने प्रामाणिक अनुभवों से लिखते हैं, तो लेखन स्वाभाविक रूप से प्रभाव पैदा करता है.”

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