14 जुलाई
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के ‘होम ऑफ क्रिकेट’ लॉर्ड्स में इतिहास रचते हुए इंग्लैंड को 270 रन से हराकर पहला महिला टेस्ट अपने नाम कर लिया। लॉर्ड्स के मैदान पर 142 साल के टेस्ट इतिहास में यह पहला महिला टेस्ट मैच था और भारत ने इस ऐतिहासिक मुकाबले को शानदार जीत के साथ यादगार बना दिया।
457 रनों का दिया था लक्ष्य
भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 457 रनों का विशाल लक्ष्य दिया था ,लेकिन चौथे दिन इंग्लैंड टीम दूसरी पारी में केवल 186 रन पर ही सिमट गई। भारतीय टीम को अंतिम दिन सिर्फ चार विकेट की जरूरत थी, जिसे उसने पहले ही सत्र में हासिल कर मैच पर कब्जा जमा लिया।
महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और ICC चेयरमैन जय शाह भी रहे मौजूद
मैच के चौथे दिन भारतीय महिला टीम को एक खास सरप्राइज भी मिला। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर बिना किसी पूर्व सूचना के भारतीय ड्रेसिंग रूम पहुंचे और कप्तान हरमनप्रीत कौर सहित पूरी टीम व स्पोर्ट स्टाफ का उत्साह बढ़ाया। मुकाबले के बाद उन्होंने खिलाड़ियों को ऐतिहासिक जीत की बधाई भी दी। ICC चेयरमैन जय शाह भी इस यादगार मुकाबले के दौरान लॉर्ड्स में मौजूद रहे।
शूरू से भारतीय टीम का दबदबा
भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए थे। जवाब में इंग्लैंड की टीम 170 रन पर सिमट गई, जिससे भारत को 115 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में भारत ने 147/7 पर पारी घोषित कर इंग्लैंड को 457 रन का लक्ष्य दिया। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड 130/6 के स्कोर पर था और चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों ने बाकी चार विकेट भी जल्दी ही अपने नाम कर लिए।
क्रांति गौड ने रचा इतिहास
भारतीय टीम की जीत में तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पहली पारी में पांच विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई और लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड में अपना नाम दर्ज कराया। दूसरी पारी में स्नेह राणा और दीप्ति शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड की वापसी की सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन और एमी जोन्स ने अर्धशतक लगाए, लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सकीं।
बल्लेबाजी में यास्तिका भाटिया ने रचा इतिहास
भारतीय टीम की बल्लेबाज यास्तिका भाटिया जीत की सबसे बड़ी नायिका रही। उन्होंने दूसरी पारी में 113 रन की शानदार शतकीय पारी खेली, जिसमें 14 चौके शामिल रहे। इसके साथ ही वह लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गईं। उनका नाम भी लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर लिखा गया।
इस जीत के साथ भारत का इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में दबदबा और मजबूत हो गया है। दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए 16 टेस्ट मैचों में भारत ने चार मुकाबले जीते हैं, जबकि इंग्लैंड को केवल एक जीत मिली है। शेष 11 मैच ड्रॉ रहे हैं। 1995 के बाद इंग्लैंड के खिलाफ भारत को टेस्ट में कोई हार नहीं मिली है।
लॉर्ड्स में दर्ज यह ऐतिहासिक जीत भारतीय महिला क्रिकेट के स्वर्णिम अध्यायों में शामिल हो गई है। शानदार बल्लेबाजी, अनुशासित गेंदबाजी और टीम के आत्मविश्वास ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान पर भारत का परचम लहरा दिया।
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