Aastha Punia News: आस्था पूनिया ने रचा इतिहास; भारतीय नौसेना की पहली महिला फाइटर पायलट बनीं

Aastha Punia becomes the first female fighter pilot of the Indian Navy : सब लेफ्टिनेंट आस्था पूनिया ने इतिहास रच दिया है. वह भारतीय नौसेना…

Aastha Punia becomes the first female fighter pilot of the Indian Navy : सब लेफ्टिनेंट आस्था पूनिया ने इतिहास रच दिया है. वह भारतीय नौसेना की पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं. यानी अब वह नौसेना का लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पहली महिला बन गई हैं. विशेषज्ञों का मानना ​​है कि यह उपलब्धि न केवल नौसेना के इतिहास में एक मील का पत्थर है, बल्कि महिलाओं के लिए लड़ाकू विमानन क्षेत्र के दरवाजे खोलने वाला एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है.

दरअसल, भारतीय नौसेना ने विशाखापत्तनम में आईएनएस डेगा पर दूसरे बेसिक हॉक कन्वर्जन कोर्स का दीक्षांत समारोह आयोजित किया. इस अवसर पर लेफ्टिनेंट अतुल कुमार ढुल और सब लेफ्टिनेंट आस्था पुनिया को ‘विंग्स ऑफ गोल्ड’ से सम्मानित किया गया.

‘विंग्स ऑफ गोल्ड’ पुरस्कार रियर एडमिरल जनक बेवले, एसीएनएस (वायु) द्वारा प्रदान किया गया. इस ऐतिहासिक अवसर पर सब लेफ्टिनेंट आस्था पुनिया ने यह नया कीर्तिमान स्थापित किया। नौसेना के अनुसार, वह अब नौसेना विमानन की लड़ाकू शाखा में शामिल होने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई हैं.

भारतीय नौसेना का कहना है कि उन्होंने पहले ही महिला अधिकारियों को पायलट बनने का अवसर दे दिया है. महिलाओं को एमआर विमान और हेलीकॉप्टरों में पायलट और नौसेना वायु परिचालन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है. अब लड़ाकू स्ट्रीम में एसएलटी आस्था पुनिया की नियुक्ति, नौसेना विमानन में लैंगिक समावेशन के प्रति भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. यह कदम महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के संकल्प को मजबूत करता है.

नौसेना के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘सब लेफ्टिनेंट आस्था पूनिया का फाइटर स्ट्रीम में शामिल होना भारतीय नौसेना की लैंगिक समानता के प्रति प्रतिबद्धता और नारी शक्ति को बढ़ावा देने का प्रतीक है.

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि सब-लेफ्टिनेंट आस्था नौसेना विमानन की लड़ाकू शाखा में शामिल होने वाली पहली महिला बन गई हैं. इसके साथ ही, सब-लेफ्टिनेंट आस्था पुनिया ने सभी बाधाओं को तोड़ दिया है और नौसेना में महिला लड़ाकू पायलटों के एक नए युग का मार्ग प्रशस्त किया है.

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सशस्त्र बलों में महिला अधिकारियों की भागीदारी में वृद्धि देखी गई है. ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने मीडिया के सामने महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा करते हुए वैश्विक स्तर पर सुर्खियां बटोरीं, जो न केवल नारी शक्ति बल्कि परिवर्तन, साहस और क्षमता का प्रतीक भी है.

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