Himachal Farmers Protest:
हिमाचल किसान सभा और सेब उत्पादक संघ के बैनर तले आज सैकड़ो किसानों ने शिमला में टोलेंड से लेकर सचिवालय तक मार्च किया। सरकार के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी कर सचिवालय के बाहर धरने पर बैठ गए। जिससे यातायात (Himachal Farmers Protest) भी प्रभावित हुआ है। किसान बागवान विदेशी सेब पर आयात शुल्क़ बढ़ाने, भूमिहीन किसानों को पांच बीघा जमीन देने,भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 लागू करने, दूध का न्यूनतम मूल्य 60 रुपए करने सहित कुल 14 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
आर–पार की लड़ाई लड़ेंगें किसान–बागवान-
किसान नेता व पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि अब तो देश के सबसे बड़े न्यायालय ने भी आदेश दिए हैं कि गरीब और सीमांत किसानों को जमीन देने के लिए नीति बनाई जाए।सुप्रीम कोर्ट ने 16 दिसंबर को ये आदेश दिया था और आज एक महीने से ज्यादा का वक्त हो गया है, सरकार ने इस संबंध में कुछ नहीं किया। अगर सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया तो किसान–बागवान आर–पार की लड़ाई लड़ेंगे। दूध उत्पादकों और आपदा प्रभावितों की मांगें भी सरकार को माननी पड़ेगी।
Himachal Farmers Protest, SJVNL को बताया लुटेरा-
SJVNL पर भी आरोप लगाते हुए उन्होंने निगम को प्रदेश का दुसरा लुटेरा बताया।इस दौरान उन्होंने स्मार्ट मीटर बंद करने की भी मांग उठाई और कहा कि किसान भारी भरकम बिल नहीं चुका पा रहे हैं। MIS के तहत मिलने वाला 1500 करोड़ आज बंद हो गया है जिसके लिए राज्य और केंद्र दोनों सरकार दोषी हैं। फोरलेन निर्माण के नाम पर हो रही मनमानी और उससे प्रभावित लोगों को न्याय देना होगा। जब तक सरकार सभी मांगो को लेकर आश्वासन नहीं देती तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।



