Himachal College Controversy: हिमाचल में कॉलेज छात्रा की मौत मामला में प्राध्यापक संघ ने बुलाई इमरजेंसी बैठक, एसपी से मुलाकात

Himachal Government College Dharamshala Controversy: हिमाचल के धर्मशाला के राजकीय महाविद्यालय की 19 वर्षीय छात्रा पल्लवी की इलाज के दौरान मौत का मामला बढता जा…

Himachal Government College Dharamshala Controversy:

हिमाचल के धर्मशाला के राजकीय महाविद्यालय की 19 वर्षीय छात्रा पल्लवी की इलाज के दौरान मौत का मामला बढता जा रहा है. इस मामले में कॉलेज प्रशासन (Himachal College Controversy) पर गंभीर आरोप लगे हैं. इसी बीच शुक्रवार को मामले को बढ़ता देख हिमाचल राजकीय प्राध्यापक संघ की धर्मशाला इकाई ने एक आपातकालीन बैठक कर प्राध्यापक पर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों के संबंध में विचार- विमर्श किया.

Himachal College Controversy

इस प्रकरण से जुड़े तथ्यों को बैठक में प्रस्तुत किया. बैठक के बाद संघ ने पुलिस अधीक्षक अशोक रतन से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की तथा कहा कि जांच प्रक्रिया में कॉलेज के पक्ष को भी मजबूती से शामिल किया जाए.

Himachal College Controversy; छात्रा वर्तमान में दाखिल नहीं-

इस आपात बैठक की अध्यक्षता संघ अध्यक्ष डॉ. विक्रम श्रीवत्स तथा महासचिव डॉ. आशीष रंजन ने की. बैठक का विषय सोशल मीडिया पर छात्रा के साथ रैगिंग, मारपीट और अश्लील हरकत रहा. बैठक की शुरुआत सत्र 2024-25 की एक छात्रा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए की गई तथा दिवंगत छात्रा के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की गई. इस संवेदनशील प्रकरण से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को बैठक में प्रस्तुत किया गया. जिनमें यह स्पष्ट किया गया कि संबंधित छात्रा सत्र 2024-25 की छात्रा थी और वर्तमान शैक्षणिक सत्र में उसका राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में कोई दाखिला नहीं है.

छात्रा की पहले कोई शिकायत नहीं-

संघ ने बताया कि महाविद्यालय में यौन शोषण एवं रैगिंग जैसे गंभीर मामलों से निपटने के लिए यूजीसी के निर्देशों के अनुरूप एक सुदृढ़ और प्रभावी कार्य प्रणाली पहले से ही लागू है. कॉलेज रिकॉर्ड के अनुसार, जब छात्रा महाविद्यालय की नियमित छात्रा थी, उस दौरान उसने इस प्रकार की कोई शिकायत कभी भी कॉलेज प्रशासन के समक्ष दर्ज नहीं करवाई.

आरोपों में कई प्रकार के विरोधाभास-

बैठक में यह भी कहा गया कि सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों में कई प्रकार के विरोधाभास सामने आ रहे हैं, इसलिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच आवश्यक है. संबंधित प्राध्यापक पर जातिगत आरोप भी लगाए गए हैं. वह स्वयं पिछड़ा वर्ग से संबंधित हैं. संघ ने यह भी रेखांकित किया कि संबंधित प्राध्यापक वर्ष 2006 से विभिन्न महाविद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं. उनका सेवा-आचरण सदैव उच्च नैतिक मूल्यों पर आधारित रहा है. इस पर संघ अध्यक्ष डॉ. विक्रम श्रीवत्स और महासचिव डॉ. आशीष रंजन ने आग्रह किया कि भविष्य में होने वाली किसी भी कार्रवाई में प्रस्तुत तथ्यों को ध्यान में रखा जाए.

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