Himachal Farmer Registry:
हिमाचल प्रदेश (Himachal) के किसानों को अब ऑनलाइन फार्मर रजिस्ट्री करना अनिवार्य होगा. किसानों को सरकारी सुविधाएं देने के लिए सरकार ने एग्रीस्टैक प्रोग्राम शुरू किया है. इसके तहत भूमि के रिकार्ड डिजिटलाइज होगा. अब हर किसान की एक यूनीक आईडी बनेगी. लोक मित्र केंन्द्र से फार्मर रजिस्ट्री निशुल्क होगी. इसी के आधार पर किसान सम्मान निधि से लेकर तमाम सारी सरकारी योजनाओं की सुविधाएं मिल पाएंगी. इससे हर किसान की बनेगी यूनीक ID, किसान सम्मान निधि पाने के लिए एग्रीस्टैक प्रोग्राम में पंजीकरण करवाना जरूरी होगा.
Himachal पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों के बेहद जरुरी-
कृषि विभाग के अनुसार, अब किसानों को मिलने वाली तमाम सरकारी सुविधाओं और आर्थिक लाभों को एग्रीस्टैक पोर्टल से प्राप्त पहचान संख्या (यूनीक आईडी) के साथ जोड़ा जाएगा. भविष्य में सभी लाभ इसी पहचान संख्या के आधार पर दिए जाएंगे. कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक राहुल कटोच ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के उन सभी लाभार्थियों के लिए यह पंजीकरण करवाना अत्यंत अनिवार्य है. जिन्हें सालाना 6000 रुपए की सहायता राशि मिलती है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों का डाटा इस पोर्टल पर दर्ज नहीं होगा, उन्हें आने वाले समय में सरकारी लाभ प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है.
रजिस्ट्री न होने पर पटवारी और कानूनगो से पूरे करें कागजात –
यह सुविधा केवल पीएम किसान योजना के पात्र किसानों तक ही सीमित नहीं है. प्रदेश के वे सभी किसान भी इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं जो सम्मान निधि के दायरे में नहीं आते हैं. उधर, विभाग के संयुक्त निदेशक राहुल कटोच का कहना है कि विभाग ने प्रदेश के किसानों से इस पंजीकरण को जल्द करवाने की बात कही है. इसमें जो किसान करीब 75 फीसदी तक अपनी पूरी व सही जानकारी देंगे, उसकी फार्मर रजिस्ट्री आसानी से हो जाएगी. ऐसा न होने पर वे पटवारी और फिर कानूनगो के पास जाकर कागजात पूरे कर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं. इसमें कोई फीस नहीं ली जाएगी.
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