Sonam Wangchuk/Leh Ladakh Protest:
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में बृहस्पतिवार को तनावपूर्ण शांति बनी रही और पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने लेह शहर में कर्फ्यू सख्ती से लागू है. बुधवार को हिंसा होने के बाद वहां प्रशासन ने बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी थी. आज भी कर्फ्यू लगा हुआ है. पुलिस ने हिंसा के आरोप में अब तक 50 लोगों को हिरासत में लिया है. सोनम बांगचूक ने सरकार पर आरोप लगाए हैं कि सरकार उन्हें बलि का बकरा बना रही है. सरकार ने उन पर सीबीआई जांच बिठाकर उनकी एनजीओ की विदेशी फंडिंग का लाइसेंस रद्द कर दिया है.
50 लोगों को हिरासत में लिया-
बुधवार को हुई हिंसा में करीब 80 लोग घायल हुए थे और 4 लोगों की मौत हुई थी. वहीं, पुलिस ने अब तक इस मामले में 50 लोगों को गिरफतार किया है. राज्य के दर्जे की मांग के लिए दर्जनों लोगों ने हिंसक प्रदर्शन शुरू किया था. कई घरों, गाड़ियों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया था. बीजेपी दफ्तर में भी उपद्रवियों ने आग लगा दी थी.
धारा 163 लागू-
केंद्र शासित प्रदेश में BNS की धारा 163 लागू की गई है जिससे इलाके में बीते दो दिनों से कर्फ्यू, इंटरनेट सेवा ठप, स्कूल-कॉलेज को बंद किया गया है. इसके साथ-साथ बिना जिला मजिस्ट्रेट की मर्जी के किसी भी तरह का जुलूस या रैली नहीं निकाली जाएगी.
प्रशासन ने शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए केंद्र शासित प्रेदश में अगले 2 दिनों के लिए सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया गया गया है. लेह के जिला मजिस्ट्रेट ने शुक्रवार से इस आदेश को जारी करने के निर्देश दिए हैं. स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक संस्थानों के साथ इलाके के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों भी बंद रहेंगे.
सोनम वांगचुक – तलाश रही ‘बलि का बकरा’, मुझे जेल भेजने की तैयारी
लद्दाख में भड़की हिंसा पर जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार पर करारा प्रहार किया है. उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर उन्हें गिरफ्तार किया गया तो सरकार की दिक्कतें उनकी आजादी से कहीं ज्यादा बढ़ जाएंगी. वांगचुक ने गुरुवार को गृहमंत्रालय के उस बयान को खारिज किया जिसमें बुधवार की हिंसा के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया था. उन्होंने कहा कि- सरकार बलि का बकरा तलाश रही है जबकि असली समस्या को नजरअंदाज कर रही है. मैं देख रहा हूं कि पीएसए (जनसुरक्षा कानून) के तहत मुझे दो साल के लिए जेल भेजने की तैयारी हो रही है. मैं इसके लिए तैयार हूं. लेकिन याद रखिए, जेल में सोनम वांगचुक सरकार के लिए बाहर के वांगचुक से कहीं ज्यादा परेशानी का सबब बनेगा.
27-28 सितंबर को होगी बातचीत
गृह मंत्रालय की टीम ने हिंसा के लद्दाख पहुंचकर हालातों के जायजे लिए. फिलहाल स्थिति स्थिर हो गई है. अगले 2 दिनों के लिए स्कूलों को बंद कर दिया गया है. इस टीम ने लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस संगठन के प्रतिनिधियों और स्थानीय सांसदों को दिल्ली बुलाया है. यहां उनकी केंद्र अधिकारियों के साथ 27 और 28 सितंबर को अहम बैठक होगी. नेताओं के साथ स्थानीय लोगों की मांगों और हितों पर चर्चा की जाएगी.
सीबीआई ने शुरू की वांगचुक के खिलाफ जांच
हिंसा में वांगचुक को जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्र सरकार ने अब एक्शन लेना शुरू कर दिया हे. CBI ने वांगचुक की NGO हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव लद्दाख (HIAL) के खिलाफ विदेशी फंडिंग मामले में जांच शुरू की है. सरकार ने उनके एनजीओ की विदेशी फंडिंग का लाइसेंस रद्द कर दिया है. सीबीआई टीम एनजीओ के अकाउंट्स और रिकॉर्ड की जांच कर रही है. सीबीआई जांच को लेकर वांगचुक ने कहा कि 10 दिन पहले सीबीआई की टीम गृह मंत्रालय का आदेश लेकर उनके पास आई थी. इस आदेश में इसमें कहा गया था कि उनकी दोनों संस्थाओं ने विदेशी चंदा लेने के लिए जरूरी मंजूरी नहीं ली.
हमें विदेशी संस्थाओं से टैक्स सहित फीस मिली-
वांगचुक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की टीम हमारी पैसिव सोलर हीटेड बिल्डिंग को अफगानिस्तान ले जाना चाहती थी और इसके लिए उन्होंने हमें फीस दी। हमें स्विट्ज़रलैंड और इटली की संस्थाओं से भी टैक्स सहित फीस मिली, ताकि हम उन्हें अपनी आर्टिफिशियल ग्लेशियर तकनीक का ज्ञान दे सकें… हमें इनकम टैक्स के समन मिल रहे हैं। विच-हंटिंग की श्रृंखला में, कल की घटनाएं अंतिम थीं और सारा दोष सोनम वांगचुक पर मढ़ा गया।’
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