शिमला, 27 अगस्त
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेपाल में हुई भीषण त्रासदी पर गहरा दु:ख जताया है। उन्होंने कहा कि नेपाल में आई आपदा बेहद बड़ी है और सूत्रों के मुताबिक 133 भारतीय नागरिकों के लापता होने की सूचना है। हालांकि, हिमाचल प्रदेश के किसी नागरिक के लापता होने की जानकारी अभी तक केंद्र सरकार की ओर से उन्हें प्राप्त नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव का संकेत है। वर्ष 2023-24 में हिमाचल प्रदेश में आई आपदाओं के दौरान भी उन्होंने कहा था कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का स्वरूप बदल रहा है। इसका असर पहले हिमाचल प्रदेश और बाद में उत्तराखंड सहित पूरे हिमालयी क्षेत्र में देखने को मिल सकता है।उन्होंने कहा कि बड़ी आपदा में जब बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है तो इससे बेहद आघात पहुंचता है।
नेपाल की त्रासदी के बाद हिमाचल प्रदेश विधानसभा में दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया।सीएम सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2023-24 की आपदाओं के बाद हिमाचल में लगातार आपदा प्रबंधन को लेकर बैठकें होती रही हैं। तेज बारिश, बादल फटने और नदियों में अचानक बाढ़ की स्थिति को लेकर समय रहते अलर्ट जारी किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय हिमाचल में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है, लेकिन जहां तेज बारिश या बादल फटने की घटनाएं होती हैं, वहां प्रशासन को पहले से अलर्ट किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके अनुभव के आधार पर बादल फटने की घटनाओं का एक बड़ा कारण जलवायु परिवर्तन है और इसके चलते आपदाओं में नुकसान भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में भूस्खलन होना प्राकृतिक प्रक्रिया है। पहाड़ के कटाव के बाद कुछ समय तक भूस्खलन होता है और स्थिति सामान्य होने में समय लगता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लेशियर झीलों को लेकर भी सरकार सतर्क है। उन्होंने बताया कि हाल ही में एक ग्लेशियर झील बनने की जानकारी सामने आई है, जो काफी वर्षों से मौजूद है। ग्लेशियरों का अध्ययन करने वाले अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ इस संबंध में बैठक भी हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर ग्लेशियर कम हो रहे हैं, जबकि कुछ जगहों पर बढ़ भी रहे हैं। ऐसे में मौजूदा परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।
रक्षाबंधन पर छुट्टी घोषित करने को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बहनों और बेटियों के लिए छुट्टी होती थी, लेकिन इस बार सरकार ने पूरे हिमाचल प्रदेश में कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित की है। उन्होंने कहा कि भाई-बहन के इस भावनात्मक त्योहार को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि बहनें बिना किसी परेशानी के अपने भाइयों को राखी बांध सकें और परिवार के साथ त्योहार मना सकें।
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