नूंह, 27 अगस्त
नूंह जिले के पटवारियों का सरकार के खिलाफ आंदोलन अब और तेज होने के आसार हैं। अपनी मांगों को लेकर 20 अगस्त से प्रदेश के सभी 23 जिलों में सांकेतिक धरने पर बैठे पटवारियों ने उपायुक्तों के माध्यम से राजस्व मंत्री को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया था। इसी कड़ी में नूंह जिले के पटवारियों का प्रतिनिधिमंडल ज्ञापन देने के लिए डीसी कार्यालय पहुंचा, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से ज्ञापन स्वीकार नहीं किए जाने पर पटवारियों में रोष फैल गया।
पटवारियों के जिला प्रधान मोहमद साबिर ने आरोप लगाया कि उनकी मांगों को लेकर सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि यूनियन के निर्णय के अनुसार प्रदेशभर में उपायुक्तों के माध्यम से राजस्व मंत्री को ज्ञापन सौंपा जाना था, लेकिन नूंह में प्रशासन ने उनका ज्ञापन तक लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने प्रशासन के इस रवैये को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की।
पटवारियों ने कहा कि आंदोलन के दौरान भी वे आम जनता से जुड़े जरूरी कार्यों को प्राथमिकता दे रहे थे। हरियाणा रेजिडेंस सर्टिफिकेट बनाने और जमानत संबंधी दस्तावेज तैयार करने जैसे आवश्यक कार्य किए जा रहे थे, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
ज्ञापन स्वीकार नहीं किए जाने से नाराज पटवारियों ने आंदोलन को अगले चरण में ले जाने की चेतावनी दी है। जिला महासचिव ने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो पटवारी पूरी तरह कलम छोड़ हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान राजस्व विभाग से जुड़े किसी भी कार्य को नहीं करने की चेतावनी दी गई है।
पटवारियों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से सरकार के समक्ष रखी जा रही हैं, लेकिन अभी तक समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। ऐसे में प्रशासन के रुख के बाद आंदोलन और उग्र होने की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। यदि पटवारी पूरी तरह हड़ताल पर जाते हैं तो राजस्व विभाग से जुड़े कामकाज प्रभावित होने के साथ-साथ आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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