अमृतसर 13 जुलाई
अमृतसर के पास मूले चक गांव में स्थित एक बड़ा तालाब यहां के निवासियों के लिए मुसीबत बन गया है। तालाब में जमा गंदगी और बदबूदार पानी के कारण पूरे गांव में खतरनाक बीमारियां फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों में त्वचा रोग (एलर्जी) और अन्य परेशान करने वाली बीमारियां आम हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस गंदगी के कारण उनका जीवन मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब के पास स्थित डेयरियों का गोबर सीधे इसी तालाब में फेंका जाता है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और पानी बहुत प्रदूषित हो गया है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जब तालाब का गंदा पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। इसके अलावा, तालाब से निकलने वाले जहरीले जीव और सांप अक्सर घरों में घुस जाते हैं, जिससे हमेशा जान-माल के नुकसान का डर बना रहता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कुछ साल पहले इसी तालाब से एक शव भी बरामद हुआ था, जिसकी पहचान नहीं हो सकी थी।
अपना दुख जाहिर करते हुए ग्रामीणों ने कहा, “चुनाव के दौरान नेता हाथ जोड़कर वोट मांगने आते हैं और तालाब की मरम्मत कराने के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद कोई अपना चेहरा नहीं दिखाता। यहां तक कि मौजूदा विधायक और अधिकारी भी सिर्फ बाहर-बाहर से चक्कर लगाकर चले गए, लेकिन किसी ने हमारी समस्या का समाधान नहीं किया।” ग्रामीणों ने नगर निगम, स्थानीय सरपंच और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन दिए हैं, लेकिन अभी तक किसी ने उनकी बात नहीं सुनी है।
दूसरी ओर, मामले को गंभीर होते देख विधायक अजय गुप्ता जी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें लोगों की इस समस्या के बारे में पता है और जल्द ही डीसी (उपायुक्त) से बात करके इस तालाब का काम पूरा कराया जाएगा ताकि ग्रामीण इस नारकीय जीवन से छुटकारा पा सकें। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर आने वाले बारिश के मौसम से पहले कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो गांव में कोई बड़ी महामारी फैल सकती है, जिसकी सीधी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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