पलवल, 12 जुलाई
पलवल के नागरिक अस्पताल में मोबाइल की रोशनी में महिला की डिलीवरी ऑपरेशन किए जाने का मामला सामने आया है। मोबाइल टॉर्च में हुई डिलीवरी की वीडियो को लेकर जांच कमेटी गठित की गई है। वीडियो वायरल करने वाले डॉक्टर, ओटी इंचार्ज और नर्सिंग स्टाफ पर कार्रवाई की जाएगी।
पलवल के नागरिक अस्पताल की ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में महिला के ऑपरेशन के दौरान बिजली चले जाने के बाद मोबाइल की रोशनी में ऑपरेशन किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में जांच कमेटी बनाकर नुकसान की भरपाई करने का प्रयास किया जा रहा है। घटना 9 जुलाई वीरवार रात करीब 10 बजे की है। वीडियो में ऑपरेशन थिएटर के भीतर मोबाइल की फ्लैशलाइट की रोशनी में ऑपरेशन किए जाने का दावा किया गया है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है।
सूत्रों के अनुसार जांच कमेटी यह पता लगाएगी कि ऑपरेशन के दौरान बिजली क्यों बाधित हुई, बैकअप व्यवस्था (जनरेटर/यूपीएस) क्यों प्रभावी नहीं रही और अस्पताल प्रबंधन की ओर से क्या लापरवाही हुई। इसके साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि ऑपरेशन थिएटर का वीडियो किसने बनाया और उसे सोशल मीडिया पर किसने वायरल किया। जानकारी के अनुसार, विभाग की जांच में वीडियो वायरल करने वाले डॉक्टर, ओटी इंचार्ज तथा संबंधित नर्सिंग स्टाफ की भूमिका भी जांच के दायरे में है। यदि गोपनीयता और सेवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
हालांकि, इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक टिप्पणी करने से परहेज किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी तय होने की संभावना है। यह मामला अस्पतालों में आपातकालीन बिजली व्यवस्था, मरीजों की सुरक्षा और ऑपरेशन थिएटर की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं। हालांकि सीएमओ सतेंद्र वशिष्ठ ने इस सारे प्रकरण की निंदा करते हुए दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त विभागय कार्रवाई करने की बात की है।
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