सोनीपत 3 जुलाई
सोनीपत नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों और ठेका व्यवस्था को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया। नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने निगम कार्यालय का घेराव कर धरना दिया और प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। इस बीच भाजपा नेता राजीव जैन धरनास्थल पर पहुंचे और सोमवार को नगर निगम आयुक्त के साथ बैठक कर अधिकांश समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि 1 मई से उन्होंने 14 दिनों तक हड़ताल की थी। इसके बाद 13 मई को मांग पत्र पर प्रशासन और सरकार के साथ समझौता हुआ, जिसके बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई। उस दौरान उनकी 17 प्रमुख मांगों पर सहमति बनी थी और सरकार ने उन्हें स्वीकार भी किया था। इसके बावजूद आज तक उन मांगों पर कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
यूनियन का कहना है कि राज्य कमेटी के आह्वान पर अब प्रदेश के हर जिले में आंदोलन तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में 17 जुलाई को सोनीपत में एक बड़ा राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें प्रदेशभर के पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने ठेका व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जब अधिकारियों को पहले से पता था कि सफाई का ठेका समाप्त होने वाला है, तो समय रहते नई एजेंसी की नियुक्ति क्यों नहीं की गई। ठेका समय पर नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी काम से बाहर हैं और शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। कर्मचारियों ने कहा कि यदि एक दिन की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का दावा किया जाता है, तो पिछले करीब 15 दिनों से सफाई व्यवस्था ठप रहने की जिम्मेदारी कौन लेगा।यूनियन ने मांग की कि सभी कर्मचारियों को तुरंत काम पर लगाया जाए। यदि नया ठेका शुरू होने में देरी होती है तो उसका आर्थिक नुकसान कर्मचारियों पर नहीं डाला जाए और उनकी सैलरी में किसी प्रकार की कटौती न की जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो सोमवार को नगर निगम कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगाया जाएगा और आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस दौरान धरनास्थल पर पहुंचे सोनीपत मेयर भाजपा नेता राजीव जैन ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि सोमवार को नगर निगम आयुक्त और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर अधिकांश समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 की सरकारी नीति के अनुसार सफाई कर्मचारियों को पे रोल पर रखने का प्रावधान है, जिसके लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार कर भेजे जा चुके हैं। जल्द ही रुके हुए कार्य पूरे होंगे और वेतन संबंधी लंबित मामलों का भी समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाना सभी का अधिकार है और सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर है।
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