Samrala Sand Mafia:
समराला के गांव ईसापुर के पास सतलुज डैम पर शनिवार देर शाम गांवों के लोग और रेत के ठेकेदार आमने-सामने हुआ। रेत व्यापारियों ने सतलुज नदी में गांव मंडला की जमीन से रेत निकालना शुरू कर दिया। जैसे ही आस-पास के गांवों के लोगों को इस बात का पता चला, वे डैम पर जमा हो गए और निकल रहे रेत के टिपर रोक दिए। इसके बाद रेत के ठेकेदारों के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और कहा कि उनके पास रेत उठाने की पूरी परमिशन है। SDO खुद मौके पर आकर काम शुरू कर चुके हैं।
टिपरों को गुज़रने नहीं दिया जाएगा-
गांववालों का में से परमजीत सिंह और मनराज सिंह लुबांगड़ ने कहा कि गांव मंडला नवांशहर जिले की सीमा में आता है। इसका रास्ता हमारे गांवों से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा कि हमने इस रास्ते पर स्टे ऑर्डर ले लिया है। क्योंकि यह डैम हमारी ज़मीन पर बना है और इस बारे में कोर्ट में मामला चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेत के ठेकेदार कोर्ट में अपना केस पेश नहीं करने वाले हैं। साफ किया कि किसी भी हालत में रेत के टिपरों को इस डैम से गुज़रने नहीं दिया जाएगा।
ठेकेदारों के पास ज़रूरी परमिशन-
जब माइनिंग SDO साहिल पठानिया से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से रेत उठाने का काम शुरू कर दिया गया है। ठेकेदारों के पास सभी ज़रूरी परमिशन हैं। उन्होंने कहा कि रेत के टिपरों को डैम से गुज़रने के लिए अलग से किसी परमिशन की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर डैम को कोई नुकसान होता है, तो कॉन्ट्रैक्टर उसे ठीक करवा देंगे। रेत कॉन्ट्रैक्टरों की तरफ से सरबजीत सिंह ने कहा कि अगर गांव वाले विरोध करते हैं, तो काम तुरंत रोक दिया जाएगा और किसी को कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव वालों के साथ मीटिंग की जाएगी और जब तक वे परमिशन नहीं देते, तब तक काम रोक दिया गया है।
MLA की बात अनसुनी कर दी गई-
कुछ दिन पहले इसी जगह पर गांव वालों के साथ हलके के MLA जगतार सिंह दयालपुरा ने एक बड़ी मीटिंग की थी। जिसमें लोगों की समस्याएं सुनने के बाद उन्होंने कहा था कि उनके इलाके में रेत की माइनिंग, चाहे वह लीगल हो या इल्लीगल, किसी भी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी। लेकिन आज रेत कॉन्ट्रैक्टरों ने उनकी बात अनसुनी कर दी और रेत निकालने का काम शुरू कर दिया।



