काठमांडू, 1 सितंबर
नेपाल-तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त को आई भयानक बाढ़ के चलते हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। अब तक 955 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है ,जबकि 4,471 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
बाढ़ से प्रभावित बिदुर इलाके में सोमवार को एक घर के मलबे से 24 शव बरामद हुए हैं। जिसमें एक बच्चा भी शामिल है।राहत और बचाव दल द्वारा तलाशी अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
158 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, नेपाल में बाढ़ के बाद 158 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। भारत की फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीमें भी नेपाली एजेंसियों के साथ मिलकर बचाव अभियान में जुटी हैं।
हाइड्रोपावर सुरंगों में जारी तलाशी
भारतीय टनल रेस्क्यू टीम नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग की हाइड्रोपावर परियोजनाओं में तलाशी अभियान चला रही हैं।मुश्किल रास्तों के बावजूद टीम सुरंग तक पहुंच गई है।
UP में मिले 17 शव
नेपाल की बाढ़ में बहकर 17 लोगों के शव UP की गंड़क नदी से बरामद हुए हैं। इनमें 13 शव कुशीनगर के खड्डा और तमकुही राज तहसीलों में मिले। महाराजगंज से मिले चार शव नेपाल प्रशासन को सौंपे गए हैं।
चीन ने पहले ही चेतावनी देने का किया दावा
बाढ़ से पहले जरूरी मौसम संबंधी जानकारी साझा नहीं करने के आरोपों पर चीन ने कहा है कि उसके वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल सेंटर ने नेपाल को करीब 12 दिन पहले Email के जरिए भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ की चेतावनी दी थी।
वहीं, चीनी मौसम विभाग ने ग्यिरोंग इलाके में फिर बारिश और खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। इससे क्षेत्र में एक बैरियर झील का जलस्तर बढ़ने का खतरा बताया गया है।
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