स्पोर्ट्स पोर्टल से मिलेंगे प्रतिभाशाली खिलाड़ी

चंडीगढ़: खेल मंत्रालय खेलों में खिलाड़ियों और युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए विशेष कदम उठा रहा है. इसके तहत स्पोर्ट्स पोर्टल बना कर…

चंडीगढ़: खेल मंत्रालय खेलों में खिलाड़ियों और युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए विशेष कदम उठा रहा है. इसके तहत स्पोर्ट्स पोर्टल बना कर हर क्षेत्र में विशेष खिलाड़ी ढूंढने की कोशिश की जा रही है, साथ ही जीरकपुर में बनने वाले साई स्पोर्ट्स सेंटर के जरिये एक नई शुरुआत की जा रही है. ताकि ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को आस-पास में ही अच्छी सुविधा मिल सकें.
                           खेल मंत्रालय युवा पीढ़ी को अच्छा साधन देने की कोशिश में जुटा है. हर दिन विशेष नीतियां भी बनाई जा रही है ताकि खिलाडी को किसी तरह की संशय न आये और वो आगे बढ़ कर देश के लिए खेलते हुए अहम स्थान हासिल कर सके.
                 चंडीगढ़ पहुंचे केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल ने बताया कि जीरकपुर में 72 बीगा जमीन में आने वाले दिनों के बीच बनने वाले साई स्पोर्ट्स केंद्र का नींव पत्थर रखकर काम शुरू किया जायेगा. इसका सीधा फायदा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों को होगा. खेल प्रशिक्षण के लिए उन्हें दूर नहीं जाना पड़ेगा. इस सेंटर में फुटबाल ग्राउंड और ट्रैक भी बनाया जायेगा.                                  खेलों में नेशनल लेवल पर बदलाव की कोशिश के तहत खेल मंत्रालय अहम कदम उठा रहा है, जिसमें खेल मंत्रालय ने स्पोर्ट्स पोर्टल बनाया है. जिसमें अगर कोई खिलाडी प्रतिभाशाली है और उसे आगे बढ़ने का रास्ता नहीं मिल पा रहा है कि वह देश के लिए कैसे खेल सकता है या स्पोर्ट्स के साथ जुड़ कर आगे करियर कैसे बढ़ा सकता है तो अब उसके लिए राह आसान होने वाली है। खेल मंत्री ने बताया कि खिलाड़ी को अपनी खेल कुशलता का वीडियो या फिर दूसरा डाटा अपलोड करना होगा, जिसकी जांच विशेषज्ञों की टीम करेगी, और अगर खिलाड़ी प्रतियोगिता के अनुरूप लगा तो उसे अच्छी सुविधा दी जाएगी ताकि वे आगे बढ़ सकें। खेल मंत्री ने बताया कि ओलम्पिक के लिए अभी से तैयारी शुरू की जा चुकी है. और अब देश में सिर्फ क्रिकेट ही नहीं बल्कि फुटबॉल और दूसरे खेलों को लेकर भी गंभीरता से काम किया जा रहा है.
                           खेलों में अहम जगह रखने वाले खिलाड़ी तैयार करने वाले कोच को लेकर भी खेल मंत्रालय ने अब अच्छे प्रदर्शन के लिए कोचेज के फिटनेस सर्टिफिकेट लेने के आदेश जारी किए हैं. उनके स्पोर्ट्स और मेडिकल सर्टिफिकेट से निश्चित हो सकेगा कि वे खुद सक्षम हैं भी या नहीं। इससे पता चल सकेगा कि फलां कोच अच्छे खिलाड़ी तैयार कर सकता है या नहीं. साथ ही डोपिंग पर भी शिकंजा कसते हुए इसे आपराधिक ऑफेंस बनाने की तैयारी की जा रही है, ताकि खिलाड़ी इससे दूर रहें. खिलाड़ियों को डोपिंग से बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू किये गये हैं.
                             खेल मंत्री की बातें उम्मीद जगाती हैं, लेकिन आज कई खिलाड़ियों की हालत बद से बदतर है। कुछ तो सुविधाओं के अभाव में आगे ही नहीं बढ़ पाते, ऐसे में अगर खेल मंत्री की बातें कोरी बातें ना हुईं, और ये सिरे चढ़ीं, तो यकीन मानिए आने वाले दिनों में किसी भी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता  में पदकों की संख्या बढ़ने वाली है।

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