‘लाइफ इन अ मेट्रो’, ‘काइट्स’, ‘गैंगस्टर’, ‘मर्डर’ जैसी इंटेन्स और रोमांटिक थ्रिलर मूवी का निर्देशन कर चुके अनुराग बसु की फिल्म ‘जग्गा जासूस’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। हालांकि, रिलीज होने के साथ ही फिल्म को अच्छा रिस्पांस मिलना शुरू हो गया है। लेकिन इस फिल्म की बेस्ट पैकेज है, रणबीर-कटरीना की लव केमेस्ट्री। जैसा कि आप जानते हैं दोनों लंबे समय तक रीयल लाइफ में लव-कपल रह चुके हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो फैन्स उनकी इस मूवी को किसी भी सूरत में मिस नहीं करेंगे।

पुरूलिया हथियार कांड से इंस्पायर स्टोरी लाइन
फिल्म की कहानी गुम हो चुके पिता को खोजने का एक सफल कोशिश है, जिसकी शुरूआत बहुचर्चित पुरूलिया हथियार कांड से होती है। साल 1995 में पश्चिम बंगाल के पुरूलिया जिले में हथियार गिराए गए थे। हालांकि असली घटना से इंस्पायर इस फिल्म को पुरूलिया कांड से जोड़कर इंटरेस्टिंग बनाने की कोशिश की गई है। तो फिल्म में पुरूलिया में हथियार गिराने की तह तक जाने की कोशिश में जुटते हैं प्रोफेसर बादल बागची। लेकिन एक पुलिस अधिकारी उसके पीछे लग जाता है। ट्रेन में सफर के दौरान प्रोफेसर बागची मोइनागुरी के खेतों में बेहोश पाए जाते हैं। जिसे जग्गा (रणबीर कपूर) अस्पताल ले जाता है। इसके बाद बागची उन्हें गोद ले लेते हैं। लेकिन पुलिस अधिकारी प्रो बागची को ढूंढते उनके पास पहुंच जाता है। उससे बचने के लिए प्रो बागची कुछ घंटों में लौटने की बात कहकर चले जाते हैं। लेकिन वापस नहीं लौटते हैं, जब जग्गा बड़ा होता है तो वो निकल पड़ता है प्रो बागची की खोज में। क्या जासूस बना जग्गा अपने मिशन में सफल होता है, या उसे निराशा होती है और जग्गा का साथ कटरीना कैफ कहां तक देती है? इन्हीं सब सवालों का जबाव तलाशती मूवी है ‘जग्गा जासूस’।

शानदार गीत-संगीत और अदाकारी
फिल्म के सभी किरदारों ने सधी हुई अदाकारी की है। फिर रणबीर कपूर हों या कटरीना कैफ, दोनों ने बखूबी अपने कैरेक्टर के साथ जस्टिफाई किया है। सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं बागची बने शाश्वत चटर्जी। इसके पहले वो फिल्म ‘कहानी’ में भी अपनी अदाकारी का लोहा मनवा चुके हैं। नवाजुद्दीन सिद्दीकी का कैमियो फिल्म का सरप्राइज एलिमेंट है। बशीर एलेक्जेंडर की भूमिका में वो काफी जंचे हैं। इसके अलावा फिल्म के गाने भी काफी कर्णप्रिय हैं। गानों को सुनकर आप संगीतकार प्रीतम और गीतकार अमिताभ भट्टाचार्य की तारीफ करने से नहीं चूकेंगे। अब वो चाहे अरिजीत सिंह की ‘फिर वही’ हो या तुषार जोशी की आवाज में ‘मुसाफिर’ इन दोनों गानों के बोल काफी अच्छे हैं। कुल मिलाकर यह फिल्म आपके लिए सरप्राइज पैकेज है। सो, हमारा सजेशन है कि इस फिल्म को एक बार देखा जा सकता है।

