पठानकोट : पंजाब में नंबर एक का दर्जा प्राप्त करने वाला पठानकोट का सिविल अस्पताल फिर सुर्खियों में आ गया है। जानकारी के अनुसार पठानकोट के सिविल अस्पताल में सरकार की ओर से रखे गए ठेका कर्मचारी मरीजों से अवैध वसूली कर रहे हैं। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों के साथ ही उनके परिजनों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है।
अवैध वसूली का खुलासा उस वक्त हुआ जब अस्पताल में प्रसव कराने आई एक महिला से सज्जन सिंह नाम के कार ड्राइवर ने जच्चे-बच्चे को घर छोड़ने पर 1000 रुपए ले लिया। बता दें की सरकार की ओर से सिविल अस्पताल में मुफ़्त डिलीवरी के साथ-साथ जच्चा-बच्चा को उनके घर तक बिना पैसे लिए छोड़ा जाता है। लेकिन पठानकोट के सिविल अस्पताल में प्राइवेट गाड़ियों साथ रखे गए कार ड्राइवर लोगों से अवैध बसूली करने पर लगे हुए हैं।
ताज़ा मामला पठानकोट के साथ पड़ते कीड़ी गंडयाल गांव का है। जहां से एक महिला बानो अपनी बहू को पठानकोट के सिविल अस्पताल में डिलीवरी के लिए लाई थी। यहां महिला ने दो जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था, पर जब इनको अस्पताल से छुट्टी मिली, तो ड्राइवर सज्जन सिंह इनको घर छोड़ने गया और 1000 रुपए ले लिए। महिला बानो ने शुक्रवार को अस्पताल में आकर इसकी शिकायत की।
मीडिया के सामने यह मामला आया तो बानो ने आपबीती बताते हुए कहा की जब सरकार ने यह सुविधा दी है तो हमसे पैसे किस चीज़ के लिए लिया जाता है। हालांकि मामले को तूल पकड़ता देख ड्राइवर सज्जन सिंह ने महिला को उसके पैसे वापस लौटा दिए। जिससे यह साफ़ हो गया है कि सिविल अस्पताल में अवैध वसूली चलती रहती है।
उधर जब कार ड्राइवर सज्जन सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उसने यह पैसे सिक्योरटी के नाम पर लिए थे जो आज महिला को लौटा दिए गए हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या वो ऐसा कर सकते हैं, किसी मरीज को घर छोड़ने के एवज में पैसे ले सकते हैं, तो उन्होंने किसी तरह का जवाब नहीं दिया।
