गुरूग्राम में जारी हुड़दंगियों का कहर, पुलिस लाचार

गुरूग्राम : गुड़गांव का नाम तो बदल गया, लेकिन ना तो समाज बदला और ना ही हकीकत। चाहे जाम का मसला हो या फिर लड़कियों…

गुरूग्राम : गुड़गांव का नाम तो बदल गया, लेकिन ना तो समाज बदला और ना ही हकीकत। चाहे जाम का मसला हो या फिर लड़कियों से छेड़छाड़ का या फिर हुड़दंग का। सब कुछ वैसा ही है, जैसा हुड्डा सरकार में था।
गुरूग्राम के एमजी रोड पर भारी पुलिस बल के बावजूद हुड़दंग जारी है। आधी रात के बाद भी असामाजिक तत्व बाज नहीं आते। शुक्रवार की रात भी आधा दर्जन के करीब झगड़े हुए। छेड़छाड़ करने वाले युवक को एक युवती ने चांटा भी मारा लेकिन सैकड़ों पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद इस तरह की घटनाएं सोचने पर विवश करती हैं।
बीती रात भी इफको चौक से लेकर एमजी रोड के ग्रैंडमॉल तक लगभग आधा दर्जन वारदातें हुईं। पुलिस को इन वारदातों को काबू करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन हुड़दंगियों की हरकतें कम नहीं हुई।
पहली वारदात
नशे में धुत युवक बार से निकलते हुए झगड़ पड़े। एक दूसरे पर हेलमेट और गैस का सिलेंडर लेकर वार करने लगे।

दूसरी वारदात
सहारा मॉल के बिल्कुल सामने घटी। एक युवती एक युवक को पीट रही है। दरअसल, इस युवक ने शराब पीकर युवती से छेड़छाड़ करने की कोशिश की थी। जिस का युवती ने विरोध किया। मनचला नहीं माना तो बैग से उसकी पिटाई कर दी। हांलाकि पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन जब तक लड़की ने पहल नहीं की, पुलिस भी मदद के लिए नहीं पहुंची। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने छेड़खानी करने वाले युवक को काबू किया।

तीसरी वारदात
4-5 युवकों ने एक युवक की पिटाई कर दी। पिटाई से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे किसी तरह से उठा कर अस्पताल पहुंचाया गया। युवक की पिटाई करने वाले युवकों को हिरासत में ले लिया।
सारी घटना के बारे में दीपक सहारण, डीसीपी ईस्ट, गुड़गांव ने बताया कि पुलिस पुरजोर कोशिश कर रही है। और जल्द ही इस तरह हुड़दंग करने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस काबू पा लेगी। गुरुग्राम पुलिस ने सैकड़ों की संख्या में यहां पुलिस कर्मी तैनात किए हैं।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मी
दरअसल, गुरुग्राम के एमजी रोड पर हर शुक्रवार और शनिवार की रात इस तरह की वारदातें होती रहती हैं। इनके हुड़दंग पर लगाम लगाने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से लगाया गया है। हालांकि कई बार अनहोनी घटनाएं हो ही जाती हैं। वैसे भी हर किसी की निगरानी करना किसी भी पुलिस के वश की बात नहीं है।

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