कर्जमाफी के एलान के बावजूद किसान खुदकुशी का सिलसिला जारी है। तरनतारन में कर्जे तले दबे दो किसानों ने आत्महत्या कर ली। तरनतारन के गॉव कोट सिवया में किसान जोगिन्दर सिंह पर 7 लाख रूपये का कर्ज था और किसान दलबीर सिंह पर करीब 12 लाख रुपये का कर्ज था । मृतक के परिजनों ने सरकार से अपील की है कि उनकी आर्थिक मदद की जाए ।

तरनतारन जिले में बुधवार को कर्ज के बोझ से तंग आकर दो किसानों ने आत्महत्या कर ली। गांव कोट किसान सिवियां निवासी किसान जोगिंदर सिंह ने कर्ज के बोझ से तंग आकर जहरीली दवा निगल कर आत्महत्या कर ली। जोगिन्दर सिंह पर 7 लाख रूपये का कर्ज था। किसान पर बैंकों का कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा था, जिससे जोगिंदर सिंह मानसिक तौर पर परेशान रहता था। बुधवार शाम को खाना खाने के बाद खेतों में जाकर उसने जहर निगल लिया। सुबह खेत से जोगिंदर सिंह का शव बरामद किया गया।
तरनतारन के जोगिन्दर सिंह अकेले ही नहीं है जिसने कर्ज के चलते आत्महत्या की है देर रात तरनतारन के खडूर साहिब के गॉव आलोवाल में भी किसान दलबीर सिंह ने कर्ज के तले आत्महत्या कर ली.किसान दलबीर सिंह पर भी 12 लाख का कर्जा था जिस वजह से उसने ये कदम उठाया। . दलबीर के परिजनों के मुताबिक मृतक अपने पीछे अपने बच्चो और बीवी को छोड़ गया है। सरकार को चाहिए की उसका सारा कर्ज़ा माफ़ किया जाये।-
तरनतारन के डिप्टी कमिश्नर ने मृतक किसानों के परिवार के साथ संवेदना प्रकट करते हुआ कहा कि पंजाब सरकार के निर्देशानुसार आत्महत्या करने वाले किसानों के बारे में जांच करने के बाद उनके परिवार को तीन-तीन लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
पंजाब के वित्त मंत्री ने बजट में किसानो को राहत देने की कोशिश की है , लेकिन बावजूद इसके किसान लगातार आत्महत्याएं करते जा रहे है , अब देखना होगा की किसानो की खुदकुशियों का सिलसिला कब ख़त्म होता है।
