दिवाली पर इस प्रकार करें मां लक्ष्मी की पूजा-आरती, होगी सभी मनोकामनाएं पूरी

Lakshmi Mata Aarti: दिवाली का सप्ताह धनतेरस से शुरू होता है और दूज तक मनाया जाता है. इस बार धनतेरस 10 नवंबर यानी कल मनाया…

Lakshmi Mata Aarti: दिवाली का सप्ताह धनतेरस से शुरू होता है और दूज तक मनाया जाता है. इस बार धनतेरस 10 नवंबर यानी कल मनाया जाएगा और दिवाली का त्योहार 12 नवंबर यानी रविवार को मनाया जाएगा. धनतेरस और दिवाली के दिन धन वैभव की देवी लक्ष्मी जी का पूजन किया जाता है. सुख समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है. इस आलेख में हम आपको माता लक्ष्मी के आठ स्वरूपों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो हर मनोकामनाओं को पूरी करती हैं.

मां लक्ष्मी पूजन विधि (Maa Lakshmi Pujan Vidhi) 
दिवाली और धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश का पूजन किया जाता है. इस दिन शाम को पूजन के लिए एक चौकी तैयार करें और उसके बाद चौकी पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा रखें. प्रतिमाएं तैयार करने के बाद उनके आगे एक दीपक जलाएं. दीपक जलाने के बाद मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का संकल्प लें. उसके बाद मूर्तियों के आगे जल भरा एक कलश रखें. फिर मां लक्ष्मी और श्री गणेश के को फल, फूल, मिठाई, कलावा, रोली आदि चीजें अर्पित करें. उसके बाद मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की आरती करें

बलवान शुक्र से बढ़ती है लक्ष्मी
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार धन-वैभव-ऐश्वर्य के लिए शुक्र ग्रह का बलवान होना अतिआवश्यक है और शुक्र का सम्बंध स्त्री से होता है, पत्नी से होता है. कालपुरुष की कुण्डली में दूसरे तथा सातवें घर का मालिक शुक्र ग्रह है, दूसरा घर धन-दौलत को दर्शाता है और सातवां घर किसी भी पुरुष के लिए उसकी पत्नी का होता है जिससे यह स्पष्ट होता है कि शुक्र का संबंध धन दौलत तथा पुरुष के लिए उसकी जीवनसंगिनी, पत्नी से है. अगर व्यक्ति किसी भी तरह से अपनी पत्नी को परेशान करता है, तो दूसरे व सातवें घर के कारक ग्रह शुक्र खराब हो जाता है जिससे लक्ष्मी का अभाव शुरू हो जाता है इसलिए घर में लक्ष्मी जी की कृपा के लिए हमेशा अपनी पत्नी को सम्मान दें, ताकि शुक्र ग्रह प्रसन्न होकर आपके घर पे धनवर्षा कर सके.

 

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