ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज भारत में कोरोना वायरस की दस्तक के बाद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी कम होना शुरू हो गई हैं, और आगे भी कीमतें कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। लेकिन आप सोच रहे होंगे की कोरोना वायरस का पेट्रोल,डीजल की कीमतों से क्या संबंध हैं तो आइए पूरे मामले को समझते हैं
कच्चे तेल की मांग में नरमी आना शुरू
दरअसल, चीन दुनिया में कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश कहा जाता है, जहां पर इस वक्त कोरोना वायरस का प्रकोप होने के वजह से कई शहरों में सार्वजनिक परिवहन बंद कर दिया गया है। और इसके कारण चीन की ओर से कच्चे तेल की मांग में नरमी आना शुरू हो गई है।
कच्चे तेल की पूरी प्रक्रिया जानिए
अगर आसान भाषा में आपको समझाएं तो चीन में कच्चे तेल की डिमांड कम होने से इसके भाव में नरमी आ गई है। और यहां कारण है कि, भारत में पेट्रोल और डीजल के भाव कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें जितनी कम होती हैं, अगले कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल उतना ही सस्ता होता है।
क्या है कोरोना वायरस
बतदें कि कोरोना वायरस ( CoV ) एक जूनोटिक है। ये वायरस जानवरों से मानवों में फैलता है। यहा वायरस कोरोना संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में आने से भी फैलता है। यहा वायरस खांसी, छींक या हाथ मिलाना से भी फैल सकता है। किसी संक्रमित व्यक्ति के छूने और फिर अपने मुंह, नाक या आंखों को छूने से भी वायरस का संक्रमण हो सकता है।
चीन में 570 लोगों को मौत
चीन में शायद ही ये भयानक दौर आया हो, जब एक-एक कर चीनी नागरिक दम तोड़ रहे हैं, और चीनी सरकार चाह कर भी अपने नागरिकों को बचा नहीं पा रही है। कोई चलते-चलते गिर रहा है तो कोई बैठे- बैठे ही मौत की आगोश में सो गया, इस आपातकालीन स्थिति से कैसे निपटा जाये चीन को समझ नहीं आ रहा है। हम बात कर रहे है। उस खतरनाक कोरोना वायरस की जिसने अबतक चीन में 570 लोगों को मौत की नींद सुला दिया है। जबकि 28 हजार से ज्यादा लोग इस भीषण वायरस से संक्रमित हो चुकें है। हर दिन चीन में 60 लोगों की मौत हो रही है।




