Waterlogging in Ambala grain market due to rain; पानी में तैरता दिखा किसानों का धान, किसान बेहाल

अंबाला, 12 अक्टूबर उत्तर भारत में मौसम का मिजाज पिछले कुछ दिनों से बदला हुआ है। पंजाब-हरियाणा में लगातार बारिश का दौर जारी है। हरियाणा…

अंबाला

अंबाला, 12 अक्टूबर

उत्तर भारत में मौसम का मिजाज पिछले कुछ दिनों से बदला हुआ है। पंजाब-हरियाणा में लगातार बारिश का दौर जारी है। हरियाणा का अंबाला जिला भी इससे अछूता नहीं रहा और रूक-रूक हो रही बारिश के चलते किसानों की मुश्किलें बढ़ गई। बारिश के चलते अनाज मंड़ी में पानी भर गया और किसानों की फसल पानी में तैरती दिखी। अपनी फसलों को पानी में तैरते देख किसान काफी परेशान नजर आए।

मंडी बोर्ड की लापरवाही से खुले में भीगा किसानों का धान

किसानों का आरोप है कि मंडी में अव्यवस्था के बावजूद मंडी बोर्ड का कोई भी कर्मचारी दिखाई नहीं दिया । किसानों ने बताया कि बारिश और मंडी बोर्ड के अधिकारियों की लापरवाही के कारण उनकी फसल भीगी है और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मंडी में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते धान की ढेरीयों और बोरियों के नीचे पानी आ गया और उनकी फसल भीग गई। अब यह फसल फिर से सुखानी पड़ेगी और लेबर खर्चा दोगुना लगेगा ।

अधिकारी बोले- तिरपाल से ढका था धान

मंडी के सहायक सचिव ने बताया कि अब तक 4लाख 14 हजार 368 क्विंटल धान आ चुकी है जिसमें से 3लाख 43हजार 975 क्विंटल खरीदी जा चुकी है। इसमें से 74 प्रतिशत उठान हो चुका है। बारिश के बाद मंडी में हुए जलभराव  और  फसल भीगने के सवाल पर मंडी अधिकारी ने बताया कि धान की ढेरियों और बोरियों को तिरपाल से कवर करवा दिया गया था। लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर नजर आई क्योंकि मंडी में 40 फीसदी धान बारिश से भीग गया।

मंडी में जलभराव को लेकर अधिकारी ने कहा कि नालियों से पानी निकासी के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है। मंडी में  भीगी हुई धान पर सफाई देते हुए मंडी अधिकारी ने कहा कि किसान की धान नहीं भीगी ये धान खरीद एजेंसियों की है ।

अन्य खबरें जानें-

ED cracks down on Park Hospital: मोहाली समेत सभी शाखाओं में जांच, वित्तीय रिकॉर्ड और सर्वर खंगाले

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *