25 जुलाई 2026
देश भर में चल रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफ़ा भेज दिया है। केंद्र सरकार और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बीच तीसरे दौर की अहम बैठक से कुछ घंटे पहले उन्होंने अपने X हैंडल के ज़रिए इस फ़ैसले की जानकारी दी।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से ज़्यादा समय से विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सबसे अहम मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा थी। इससे पहले, केंद्र सरकार और CJP के बीच बातचीत शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े के मुद्दे पर अटकी हुई थी। आपको बता दें कि CJP ने साफ़ कर दिया था कि जब तक सरकार धर्मेंद्र प्रधान को हटा नहीं देती, तब तक आगे कोई बातचीत नहीं हो सकती।
जानें प्रदर्शनकारियों की 3 मुख्य मांगें क्या हैं
पहली मांग यह थी कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। दूसरी मांग यह है कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएं। तीसरी मांग यह है कि NEET पेपर लीक मामले के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
गौरतलब है कि शुक्रवार को हुई बैठक में केंद्र सरकार छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की दो मांगों पर सहमत हो गई थी, लेकिन इस्तीफे की मांग पर चुप रही। 25 जुलाई को उनकी यह मांग भी पूरी हो गई।
‘देश के युवाओं के सपनों का सम्मान’: धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए अपने X (X) अकाउंट पर लिखा कि “मैं इस देश के युवाओं की उम्मीदों, भावनाओं और उचित अपेक्षाओं का गहराई से सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को पूरा करना हमारे राजनीतिक और सामाजिक जीवन का नैतिक आधार रहा है। मैं माननीय प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करता हूं कि मुझे उनके दूरदर्शी नेतृत्व में देश की सेवा करने का अवसर मिला।”
जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके ने कहा- मंत्री का इस्तीफा तो हो गया है, लेकिन हमारी दो और मांगे हैं। हम ऐसे नहीं जाएंगे कॉकरोच एक बार घुसता है तो निकलता नहीं है। जिन बच्चों ने सुसाइड किया उनके परिवार को एक करोड़ मुआवजा मिले। पुलिस वालों पर एक्शन होना चाहिए।
दिल्ली पुलिस अधिकारी याद रखें कॉकरोच से पंगा लिया है। हमने तो एक मंत्री का इस्तीफा ले लिया, तो तुम लोग क्या चीज हो। छात्रों पर केस वापस होने चाहिए। भैया ये लोकतंत्र है। मुझे एक महीने से लोग कहते थे क्या कर रहे हो कब तक बैठोगे। ये इस्तीफा नहीं देंगे। ये मनमानी सरकार है। मगर हमने कर दिखाया।
जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल
जैसे ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आई, दिल्ली के जंतर-मंतर पर मौजूद छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई और विरोध स्थल पर जश्न शुरू हो गया। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया – “छात्र शक्ति जिंदाबाद”। पिछले कुछ दिनों में यह आंदोलन देश के दर्जनों शहरों में फैल गया था और विपक्षी दलों के भी छात्रों के समर्थन में आने से सरकार पर भारी राजनीतिक दबाव था। आखिरकार, सरकार को छात्रों की मांगों के आगे झुकना पड़ा।



