Union Budget 2026: कल पेश होगा देश का आम बजट, जानिए क्या है इस होगा इसमें खास और शेयर बजार क्यों कल नहीं रहेगा बंद?

Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार 9वां बजट कल पेश करने जा रही हैं। इस बार सभी की निगाहें बहुप्रतीक्षित सीमा शुल्क…

Union Budget 2026: कल पेश होगा देश का आम बजट, जानिए क्या है इस होगा इसमें खास और शेयर बजार क्यों कल नहीं रहेगा बंद?

Union Budget 2026:

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार 9वां बजट कल पेश करने जा रही हैं। इस बार सभी की निगाहें बहुप्रतीक्षित सीमा शुल्क सुधारों पर टिकी होंगी। सीतारमण ने 2019 में अपने (Union Budget 2026) पहले बजट में दशकों से चले आ रहे चमड़े के ब्रीफकेस की जगह लाल कपड़े में लिपटे पारंपरिक ‘बही-खाता’ का अनुकरण किया था। पिछले चार वर्षों की तरह इस साल का बजट भी कागज रहित रूप में पेश किया जाएगा।

शेयर बाजार पर क्या असर?

इस आम बजट को लेकर रविवार को आमतौर पर शेयर बाजार में भी छुट्टी होती है। लेकिन कल का रविवार निवेशकों के लिए सामान्य छुट्टी के दिनों से अलग है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट भाषण को देखते हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने एलान किया है।

इस दौरान शेयर बाजार खुले रहेंगे और सामान्य दिनों की तरह कारोबार होगा। एनएसई और बीएसई की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक, बजट की अहमियत को देखते हुए 1 फरवरी को ‘विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र’ आयोजित किया जा रहा है।

Union Budget 2026, खुलें रहेंगे शेयर बाजार-

एक्सचेंजों का कहना है कि बजट में होने वाली बड़ी नीतिगत घोषणाओं पर बाजार को तत्काल प्रतिक्रिया देने का मौका मिलना चाहिए। रविवार होने के बावजूद बाजार बंद नहीं रहेगा। आजाद भारत के इतिहास में इससे पहले केवल एक बार रविवार को भी शेयर बाजार में कारोबार हुआ था। 28 फरवरी 1999 को जब देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे, उस समय रविवार के दिन भी घरेलू शेयर बाजार में कारोबार हुआ था।

राजकोषीय घाटा:

सरकार के कुल खर्च और आय के बीच का अंतर राजकोषीय घाटा कहलाता है। चालू वित्त वर्ष (2025-26) के लिए इसके जीडीपी के 4.4 प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया गया है। बजट में 4.5 प्रतिशत से नीचे का लक्ष्य हासिल करने के बाद, बाजार अब कर्ज-जीडीपी अनुपात में कमी की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सटीक आंकड़ों का इंतजार कर रहा है। उम्मीद है कि सरकार वित्त वर्ष 2026-27 के लिए चार प्रतिशत के राजकोषीय घाटे की घोषणा कर सकती है।

पूंजीगत व्यय:

चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार का नियोजित पूंजीगत व्यय 11.2 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है। निजी क्षेत्र के निवेशकों की सावधानी को देखते हुए, सरकार आगामी बजट में बुनियादी ढांचे पर खर्च को बनाए रख सकती है और इसमें 10-15 प्रतिशत की वृद्धि कर सकती है। यह राशि 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है।

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