Panchkula Cyber Fraud: पंचकूला में टेलीग्राम ग्रुप से 3.46 लाख के साइबर फ्रॉड में 4 दिन के बाद पहली गिरफ्तारी, 40 फीसदी मुनाफे दिया लालच

Panchkula Cyber Fraud Case: पंचकूला में साइबर ठगी के एक गंभीर मामले में साइबर थाना पुलिस ने निवेश के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी…

Panchkula Cyber Fraud: पंचकूला में टेलीग्राम ग्रुप से 3.46 लाख के साइबर फ्रॉड में 4 दिन के बाद पहली गिरफ्तारी, 40 फीसदी मुनाफे दिया लालच

Panchkula Cyber Fraud Case:

पंचकूला में साइबर ठगी के एक गंभीर मामले में साइबर थाना पुलिस ने निवेश के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे गए एक (Panchkula Cyber Fraud) टेलीग्राम ग्रुप लिंक से जुड़ा है। जिसमें आम नागरिक को अधिक मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया।

3,46,760 रुपये ठगे-

पंचकूला वासी शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2025 के जून माह में उसके व्हाट्सएप नंबर पर एक टेलीग्राम ग्रुप का लिंक भेजा गया था। ग्रुप में निवेश के नाम पर 40 फीसदी लाभ का झांसा दिया। धीरे-धीरे विश्वास में लेकर शिकायतकर्ता से कुल 3,46,760 रुपये विभिन्न माध्यमों से ठग लिए गए। जब शिकायतकर्ता को ठगी का एहसास हुआ तो उसने साइबर थाना पंचकूला में शिकायत दर्ज करवाई।

धारा 316(2) व 318(4) के तहत मामला दर्ज-

शिकायत के आधार पर 15 अक्टूबर 2025 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) व 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम में से 72,500 रुपये रोहित सैनी नामक व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए हैं, जो सोनीपत का निवासी है।

अदालत में पेशी के बाद 4 दिन का रिमांड –

साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह की अगुवाई में जांच अधिकारी रविन्द्र ओहल्यान द्वारा तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन की गहन जांच की गई। ठोस सबूत सामने आने के बाद पुलिस ने 30 जनवरी को आरोपी रोहित सैनी को गिरफ्तार कर लिया।  इस मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि आरोपी को आज माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस को 4 दिन का रिमांड प्राप्त हुआ है। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, उनके खातों, टेलीग्राम ग्रुप संचालकों और ठगी के पूरे तरीके का खुलासा किया जा सके।

व्हाट्सएप लिंक, टेलीग्राम ग्रुप से चलता था फ्राड-

डीसीपी मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि यह इस मामले में पहली गिरफ्तारी है और जांच अभी जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइबर ठगी के मामलों में पुलिस तकनीकी और वित्तीय ट्रेल के आधार पर एक-एक कड़ी को जोड़ते हुए सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी अनजान व्हाट्सएप लिंक, टेलीग्राम ग्रुप या निवेश के नाम पर दिए जा रहे लालच में न आएं। यदि कोई संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक प्राप्त होता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

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