शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती आज, देशभर में दी जा रही श्रद्धांजलि, पंजाब में ऐच्छिक अवकाश

चंडीगढ़, 28 सितंबर देशभर में आज महान क्रांतिकारी भगत सिंह की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है।देशभर में उन्हें याद किया…

भगत सिंह

चंडीगढ़, 28 सितंबर

देशभर में आज महान क्रांतिकारी भगत सिंह की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है।देशभर में उन्हें याद किया जा रहा है। भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब के लायलपुर जिले के बंगा गांव में हुआ था।उनके पिता सरदार किशन सिंह और चाचा सरदार अजीत सिंह भी ब्रिटिश शासन के विरोधी थे।भगत सिंह ने लाहौर के DAV स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद नेशनल कॉलेज में दाखिला लिया. जहां पर उनकी मुलाकात सुखदेव और यशपाल जैसे युवाओं से हुई। पंजाब सरकार द्वारा आज 28 सितंबर को राज्य में ऐच्छिक अवकाश घोषित किया गया है।

साल 1928 में हुए साइमन कमीशन के विरोध में लाहौर में हुए प्रदर्शन के  दौरान पुलिस लाठीचार्ज में लाला लाजपत राय घायल हुए थे। बाद में 17 नवंबर 1928 में उनकी मृत्यु हो गई थी।8 अप्रैल 1929 को  भगत सिंह और बटुकेश्वर  दत्त् ने केन्द्रीय विधानसभा में बम फेंक और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।उन्होंने अदालत और मुकदमे को अपने राजनीतिक विचार जनता तक पहुंचाने के मंच के रूप में इस्तेमाल किया।

जेल में की भूख हड़ताल

जेल में भगत सिंह औऱ उनके साथियों ने अन्य कैदियों के साथ मिलकर भूख हड़ताल की। कैदिंयों को बेहतर भोजन. अखबार उपलब्ध कराना औऱ पढ़ने की सुविधा शामिल था। इस हड़ताल के दौरान एक साथी जतिंद्रनाथ दास की हालत खराब हो गई औऱ उनकी मृत्यु हो गई।इस घटना के बाद देशभर में प्रदर्शन हुआ।

23 मार्च 1931 को दी गई फांसी

लाहौर मामले में भगत सिंह , सुखदेव और राजगुरू को कोर्ट द्वारा फांसी की सजा सुनाई गई। 23 मार्च 1931 को शाम करीब 7 बजे लाहौर सेंट्रल जेल में भगत सिंह , राजगुरू औऱ सुखदेव को महज 23 साल की उम्र में फांसी दे दी गई।

आज उनकी जयंती पर देशभर में उन्हे श्रद्धांजलि देते हुए उनके विचारों,स्वतंत्रता आंदोलन में योग्दान को याद किया जा रहा है।

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