प्रसिद्ध सुरज कुंड मेले का होने वाला है आगाज, जानिए इस बार क्या होगा खास

ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: हरियाणा में हर साल लगने वाले अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का शुभारंभ हर बार की तरह इस बार भी एक फरवरी…

ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: हरियाणा में हर साल लगने वाले अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का शुभारंभ हर बार की तरह इस बार भी एक फरवरी को हो रहा है, जो कि 16 फरवरी तक चलेगा। 34वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले भारत के अलावा भी अन्य देश भाग लेंगे। हर साल की तरह इस साल भी यह मेला धमाकेदार तरीके से प्रारंभ होगा। एक से 16 फरवरी तक चलने वाले 34वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले का उद्घाटन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे, उनके साथ हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य भी मौजूद रहेंगे।

यहां आने वाले दर्शक देश विदेश की लोक संस्कृतियों से रूबरू हो सकेंगे। हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य शनिवार एक फरवरी को सुबह 11 बजे 34वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का उद्घाटन करेंगे। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, हरियाणा के पर्यटन मंत्री कंवरपाल और उज्बेकिस्तान के माननीय राजदूत फरहोद अर्जिव समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।

मेले के उद्घाटन के मौके पर बडख़ल की विधायक सीमा त्रिखा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, ट्रांसपोर्ट मंत्री मूलचंद शर्मा, हरियाणा पर्यटन निगम के चेयरमैन एवं पूंडरी से विधायक रणधीर गोलन और अन्य अतिथि विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। मेले को लेकर हरियाणा पर्यटन विभाग के एमडी विकास यादव आईएएस, हरियाणा पर्यटन विभाग के जनरल मैनेजर दिलावर सिंह व हरियाणा पर्यटन विभाग के महाप्रबंधक एवं मेले के नोडल अधिकारी राजेश जून व हरमिटेज के प्रभारी राजपाल ने पूरी ताकत झोंक दी है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन आईएएस ने बताया कि वर्ष 1987 में लगाए गए पहले सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में मात्र से 30 से 40 शिल्पियों ने हिस्सा लिया था, लेकिन मेले से जुड़े अधिकारी इससे निराश नहीं हुए। मेले का आयोजन हर साल एक से 15 फरवरी तक करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद यह मेला धीरे-धीरे देश और पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाने लगा। मेले की बढ़ती ख्याति को देखकर आज दुनिया भर के देश हर साल मेले में हिस्सा लेने के लिए आ रहे हैं। मेले में हिस्सा लेने वाले देशों की संख्या हर साल बढ़ रही है।

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