यमुनानगर, 5 सितंबर
यमुनानगर के जैतपुर गांव में स्थित मदरसा दारुल उलूम कवादरिया में शिक्षक दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों ने उत्साह के साथ टीचर्स डे मनाया और अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त किया।
इस दौरान बच्चों ने 5 सितंबर को मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस की खासियत भी बताई। बच्चों ने कहा कि भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश के महान शिक्षाविद, दार्शनिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। उनका मानना था कि शिक्षा और शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपने शिक्षकों के योगदान को याद किया और कहा कि शिक्षक उन्हें केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने और बेहतर इंसान बनने की सीख भी देते हैं मदरसे के उर्दू शिक्षक जहूर हसन ने कहा कि बच्चों को पूरी लगन और संघर्ष के साथ शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मदरसे में बच्चों को सरकारी शिक्षा के साथ-साथ इस्लामिक तालीम भी दी जा रही है, ताकि बच्चे आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी नैतिक और धार्मिक शिक्षा से भी जुड़े रहें।
शिक्षक दिवस के इस कार्यक्रम में बच्चों का उत्साह देखने को मिला। शिक्षकों ने भी बच्चों को मेहनत, अनुशासन और शिक्षा के महत्व के बारे में बताया। कार्यक्रम ने गुरु और शिष्य के रिश्ते में सम्मान और विश्वास के महत्व का संदेश दिया।
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