भिवानी, 9 सितंबर
भिवानी में इस बार भले ही बारिश ज्यादा नहीं हुई, लेकिन मौसम में अचानक आए बदलाव ने बीमारियों का खतरा बढ़ा दिया है। दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंड के बीच स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने लगे हैं।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार भिवानी जिले में अब तक 12 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें से केवल दो मरीज भिवानी में उपचाराधीन रहे, जबकि भिवानी जिले के रहने वाले 10 मरीज दूसरे जिलों के अस्पतालों में भर्ती थे। दूसरे जिलों से इन मरीजों की जानकारी भिवानी स्वास्थ्य विभाग को दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने अब तक स्वाइन फ्लू के संदेह में 21 लोगों के सैंपल लिए, जिनमें से 12 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जबकि 9 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव रही। 12 संक्रमित मरीजों में से 11 मरीज पूरी तरह ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। वहीं एक मरीज अभी हिसार के निजी अस्पताल में उपचाराधीन है। फिलहाल भिवानी के अस्पताल में स्वाइन फ्लू का कोई मरीज दाखिल नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं।
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए भिवानी अस्पताल में अलग से वार्ड स्थापित किया गया है। इस वार्ड में मरीजों के लिए 12 कमरे बनाए गए हैं और प्रत्येक कमरे में दो मरीजों को रखने की व्यवस्था है।वार्ड में चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की अलग से ड्यूटी लगाई गई है, जो 24 घंटे मरीजों की देखभाल करेंगे। इसी वार्ड में डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों को भी भर्ती किया जा सकेगा, लेकिन प्राथमिकता स्वाइन फ्लू के मरीजों को दी जाएगी।
चिकित्सकों के मुताबिक स्वाइन फ्लू के शुरुआती तीन से चार दिन मरीज के लिए ज्यादा परेशानी वाले हो सकते हैं। इस दौरान संक्रमित व्यक्ति को खुद को दूसरे लोगों से अलग रखना चाहिए।स्वाइन फ्लू खांसने, छींकने, थूकने और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से तेजी से फैल सकता है। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति को आइसोलेशन में रहने के साथ-साथ मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि उसके संपर्क में आने वाले दूसरे लोग संक्रमण से बच सकें।
फिलहाल भिवानी में स्वाइन फ्लू के किसी मरीज के अस्पताल में भर्ती न होने से राहत जरूर है, लेकिन 12 मामलों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। चिकित्सकों की सलाह है कि बदलते मौसम में लापरवाही न बरतें, साफ-सफाई का ध्यान रखें और स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। सावधानी और समय पर उपचार ही संक्रमण को फैलने से रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
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