स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज हो चुका है। ओवो हाइड्रो एरिना में आयोजित कार्यक्रम में 74 देशों के करीब 3,000 खिलाड़ियों ने हिस्सा ले रहे है। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय दल की अगुवाई ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने तिरंगा थामकर की, जबकि टोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन पहली आधिकारिक सेरेमोनियल बैटन बेयरर बनीं। ब्रिटेन के किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला ने खेलों का औपचारिक उद्घाटन किया, जिसके बाद 74 देशों के खिलाड़ियों ने मार्च-पास्ट में हिस्सा लिया।
लॉन बॉल्स में भारत की शानदार शुरुआत
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने पहले ही दिन जीत के साथ अभियान की शुरुआत की। महिला पेयर्स लॉन बॉल्स में रूपा रानी तिर्की और पिंकी की जोड़ी ने माल्टा की रिक्कसन बहनों को रोमांचक टाई-ब्रेक में हराकर भारत का खाता खोला। पुरुष सिंगल्स लॉन बॉल्स में 43 वर्षीय पुतुल सोनोवाल ने कनाडा के मौजूदा विश्व चैंपियन रयान बेस्टर को हराकर बड़ा उलटफेर किया।
लवलीना का पदक पक्का
भारतीय ध्वजवाहक लवलीना बोरगोहेन महिला 75 किलोग्राम वर्ग में सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। इस कारण उन्होंने बिना मुकाबला खेले ही कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है।
दो खिलाडी हुए डोप टेस्ट में फेल
प्रतियोगिता शुरू होने से पहले भारत को डोपिंग मामलों के कारण दो बड़े झटके लगे। एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के चलते भारत का वेटलिफ्टिंग कोटा 12 से घटाकर 11 कर दिया गया, जिसके कारण दिलबाग सिंह टीम से बाहर हो गए। वहीं जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार भी डोप टेस्ट में फेल होने के बाद खेलों से बाहर हो गए। इन घटनाओं से भारत की पदक संभावनाओं को कुछ नुकसान पहुंचा है।
भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की शुरुआत जीत के साथ की है। अब सभी की नजरें आने वाले मुकाबलों पर होंगी, जहां भारतीय खिलाड़ी पदकों की संख्या बढ़ाने के इरादे से मैदान में उतरेंगे।
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