Guru Granth Sahib Satkaar Act 2026, Special Session:
पंजाब सरकार ने सोमवार को पंजाब सरकार बुलाया है। सत्र सुबह 11 बजे से शुरू होगा जिसमें बेअदबी के खिलाफ कानून में संशोधन को मंजूरी मिल सकती है। सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं क्योंकि पक्ष और विपक्ष ने एक दूसरे को घेरने की पूरी तैयारी में है। सत्र में सरकार शनिवार को कैबिनेट में मंजूर किए गए ‘जागत ज्योति गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट (संशोधिन) 2026’ को पेश करेगी। विधानसभा में इस बिल को मंजूर करवाने में सरकार को कोई परेशानी नहीं होगी। लेकिन इसकी मंजूरी के बाद चुनौतियां सामने हैं।
10 साल तक सजा
हालांकि, राज्य सरकार का तर्क है कि यह स्टेट बिल है और इसके लिए राष्ट्रपति की मंजूरी की कोई जरूरत नहीं होती। सरकार की ओर तैयार किए गए बिल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने पर 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और पांच से 25 लाख जुर्माने का प्रविधान किया गया है।
विपक्ष सवालों के साथ तैयार
कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सरकार की ओर से बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र को एक नाटक बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चार वर्षों में सरकार एक भी दोषी को सजा नहीं दिला सकी है। सरकार मुश्किल हालात से बचने के लिए बार-बार विशेष सत्रों का सहारा लेती रही है। अगर सरकार की नीतियां वास्तव में सच्ची होतीं, तो वह इस तरह का कानून तैयार करने से पहले संबंधित पक्षों, विद्वानों और कानूनी विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करती।
2016 और 2018 में भी किए थे बिल पास
2016 और 2018 में भी धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर बिल विधानसभा में पेश किए जा चुके हैं। 2016 में तो इसे राष्ट्रपति ने कहते हुए वापिस कर दिया कि सभी धर्मों के ग्रंथों के अपमान पर एक जैसी सजा ही दी जा सकती है, अलग-अलग नहीं। इस बिल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान पर उम्र कैद और अन्य धार्मिक ग्रंथों के अपमान पर दस साल की सजा का प्रविधान था। 2018 में सरकार ने इसमें संशोधन करते हुए सभी धर्मों को शामिल कर लिया लेकिन आठ साल गुजरने के बावजूद राष्ट्रपति से इसे मंजूरी नहीं मिली है।
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