अंबाला, 12 सितंबर
अंबाला छावनी के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री सूरजकुंड साहिब में अमावस के पवित्र दिवस के अवसर पर विशेष धार्मिक समागम का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में संगत ने गुरु घर में माथा टेका और गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस पावन अवसर पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींड़ा विशेष तौर पर गुरुद्वारा साहिब पहुंचे। संगत की ओर से प्रधान जत्थेदार के प्रति सम्मान और प्रेम प्रकट करते हुए उन्हें सिरोपा देकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान गुरु साहिब के चरणों में अरदास की गई कि उनकी अपार कृपा समूची संगत पर बनी रहे और सिख कौम की चड़दी कला के लिए सेवा करने का बल प्रदान करें। कहा कि सिख संगत को इधर-उधर ना भटक कर श्री गुरु ग्रंथ साहब में अपनी आस्था रखनी चाहिए।
समागम के बाद मीडिया से बातचीत में जत्थेदार जगदीश सिंह झींड़ा ने पंजाब के गुरसिमरन सिंह मंड मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा श्री पंजोखड़ा साहिब में हुए गुरुसिमरन सिंह मंड वाले मामले में सरकार और अदालत ने सभी सिख संगत को रिहा कर दिया है। इससे वह और पूरी संगत संतुष्ट है। इसीलिए आज संगत ने उनका और उनके साथ आए जत्थेदारों का सम्मान किया है। उन सभी युवाओं को भी सम्मानित किया गया है जिन्होंने उस संघर्ष में हिस्सा लिया था।
जत्थेदार झींड़ा ने कहा कि सरकार द्वारा जो वादे किए गए थे, उन्हें पूरा किया जा रहा है। वही सरकार का शुक्राना करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिन सिख युवकों पर मामले दर्ज किए गए थे, उनकी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में कुछ समय लग सकता है। जिस दिन यह सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, उस दिन हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब में बुलाकर उनका शुकराना किया जाएगा और उनकी चड़दी कला के लिए अरदास भी की जाएगी।
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