Former CM Jai Ram Thakur News: हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम जयराम ठाकुर (Jai ram Thakur) के एक बयान के वजह से उन्हें सफाई देनी पड़ी. पावंटा साहिब में विकसित भारत संकल्प सभा में शामिल होने पहुंचे जयराम ठाकुर ने यहां पर रोष रैली में हिस्सा लिया और सरकार के अलावा, पांवटा साहिब प्रशासन को भी निशाने पर लिया.
दरअसल, पांवटा साहिब के रामलीला मैदान में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की जनसभा व प्रदर्शन के दौरान लगाए गए चीमा कीमा नहीं चलेंगे जैसे नारों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. यह नारा कथित तौर पर पांवटा साहिब के एसडीएम गुंजित सिंह चीमा के खिलाफ लगाया गया, लेकिन इसका गहरा असर सिख समुदाय पर पड़ा है, जिसने इसे अपने सम्मान से जोड़कर गंभीर आपत्ति जताई है.
जयराम ठाकुर ने क्या कहा?
जनसभा के दौरान जयराम ठाकुर ने कहा कि मुझे मालूम नहीं अधिकारी का क्या नाम है, लोग बोल रहे हैं कि कोई चीमा है या कीमा है? उन्होंने कहा कि प्रशासन यह जान ले कि जेल भेजने की धमकी से उन्हें डराया नहीं जा सकता है और सभी भाजपा नेताओं और लोगों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएं.
जयराम ठाकुर ने दी सफाई
सिख समुदाय के विरोध के बाद जयराम ठाकुर के सोशल मीडिया पेज पर लिखा गया कि मैंने आज पावंटा साहिब में आयोजित जनसभा में किसी भी समुदाय विशेष के बारे कोई भी टिप्पणी नहीं की है. मेरी गुरु गोविन्द सिंह जी के प्रति अगाध श्रद्धा है और सिख धर्म के प्रति बहुत सम्मान है. किसी की भावना को आहत करने की मेरी कोई भी मंशा नहीं थी. अतःमेरी बात को ग़लत तरह से न लिया जाए.
क्या है मामला?
बता दें कि एक हिंदू महिला के मुस्लिम व्यक्ति के साथ कथित रूप से भाग जाने के मामले में जयराम ठाकुर बोल रहे थे. शुक्रवार (13 जून) को आक्रोशित हिंदू संगठन माजरा में एकत्र हुए और लाठी-डंडों और धारदार हथियारों के साथ उस व्यक्ति के घर की ओर बढ़ने लगे. इसके बाद दो समूहों में पथराव शुरू हो गया जिसमें पुलिसकर्मी भी घायल हो गए.
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