बठिंडा दौरे के दौरान वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने प्रेसवार्ता को संबोधित किया। मीडिया के साथ बातचीत में मनप्रीत बादल ने सीधे तौर पर एसजीपीसी को राजनीति से दूर रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी का काम धर्म प्रचार करना है। अगर एसजीपीसी सियासत में आती है तो इससे सियासत और धर्म दोनों ही खत्म हो जाएंगे।
इसके अलावा मनप्रीत बादल ने जीएसटी को हर वर्ग के हित में बताया। ट्रक यूनियन को भंग करने के फैसले पर मनप्रीत ने कहा कि ये मांग ट्रेड यूनियन और इंडस्ट्री की थी, इसीलिए पंजाब सरकार ने ये फैसला लिया और बहुत जल्द इससे संबंधी नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। आपको बता दें ट्रक ऑपरेटर यूनियन भंग करने के फैसले का लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यूनियन भंग हो जाने से लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
इस दौरान कर्जमाफी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस फैसले से को-ऑपरेटिव बैंक और कमर्शियल बैंक जो पंजाब सरकार के अधीन आते हैं उनका कर्ज माफ किया जाएगा जिसमें पंजाब के 9 लाख 75 हजार किसान कर्ज मुक्त होंगे लेकिन जब मनप्रीत बादल से पूछा गया कि 63 सी के बारे में क्यों नहीं सोचा गया जबकि भारतीय और प्राइवेट बैंकों का कर्ज इसी के अधीन आता है तो उन्होंने कहा कि हमने 63C पढ़ी ही नहीं ।
