कलायत, 15 सितंबर
एक तरफ सरकार सरकारी स्कूलों के कायाकल्प और आधुनिक सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं धरातल पर हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। कलायत के एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव ने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। आलम यह है कि इस स्कूल में छोटे बच्चों के लिए न तो शौचालय की सुविधा है और न ही कक्षाओं में बैठने के लिए बेंच उपलब्ध हैं।
शौचालय जैसी मूलभूत जरूरत के अभाव में विशेषकर छोटे बच्चों और छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि बेंचों के बिना मासूमों को मजबूरन नीचे फर्श पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। बुनियादी सुविधाओं के बिना भगवान भरोसे चल रहे इस स्कूल को लेकर अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक अनदेखी के चलते बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस मामले का तुरंत संज्ञान लिया जाए। स्कूल में जल्द से जल्द शौचालय का निर्माण करवाया जाए और विद्यार्थियों के लिए बेंचों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों को राहत मिल सके।
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