Ram Rahi Relief in Chhatrapati Death Case:
सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की मौत के मामले में डेरा मुखी राम रहीम को बड़ी राहत मिली है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने शनिवार सुबह सीबीआई अदालत के फैसले को आंशिक रूप से संशोधित करते हुए डेरा मुखी को इस मामले से बरी कर दिया है। मामले में दोषी ठहराए गए अन्य तीन की (Ram Rahi Relief in Chhatrapati Death) उम्रकैद सजा बरकरार है।
बाकी तीन की सजा बरकरार-
अदालत ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और दलीलों पर विस्तृत विचार करते हुए डेरा मुखी के खिलाफ आरोपों को पर्याप्त रूप से साबित न होने के आधार पर उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का आदेश दिया। अन्य तीन दोषियों कुलदीप, निर्मल और किशन लाल की सजा बरकरार रखी गई है। इन सभी को इस मामले में सीबीआई अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
Ram Rahi Relief in Chhatrapati Death Case, क्या है मामला?
सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की 24 अक्तूबर 2002 को उनके घर के बाहर गोली मार दी गई थी। 21 नवंबर को उनकी मौत हो गई। अगस्त 2002 में अज्ञात पत्र में डेरा की साध्वियों के साथ यौन शोषण और दुष्कर्म के आरोप लगाए गए थे। छत्रपति ने इस पत्र को अपने अखबार में प्रकाशित किया था।
सीबीआई कोर्ट में दोषी-
2003 में छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति की याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंपी थी। नवंबर 2003 में हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की। 2004 में डेरा सच्चा सौदा ने यह जांच रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की थी। पर सुप्रीम कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी। करीब 16 साल इस केस की सुनवाई पंचकूला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में चली। सीबीआई ने 2018-2019 में केस में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने इसे सुनियोजित साजिश करार देकर राम रहीम, कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को दोषी करार दिया।
अन्य ख़बरें जानें-
Badshah Song Controversy: क्यों अपने गाने Tateeree के लेकर विवाद में



