न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : पंजाब में गैंगस्टर इतने बेखौफ हो गए हैं कि जब चाहे अपने साथी को पुलिस कस्टडी से छुड़ाकर ले जाते हैं। ऐसा ही वाकया शुक्रवार को अमृतसर के रईआ कस्बा देखने को मिला, जहां शुभम नामक गैंगस्टर को हथियारों से लैस अपराधी छुड़ाकर लेकर फरार हो गए। वहीं एक ASI को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने इलाके को सील कर दिया, लेकिन फरार गैंगस्टर का पता नहीं चल सका है। हालांकि पुलिस खानापूर्ति के हिसाब से तलाशी अभियान जरूर चला रही है।
ASI को गोली मारकर किया गंभीर
बताया जाता है कि फरार गैंगस्टर शुभम पर कत्ल के दो केस चल रहे हैं। उसे कपूरथला से अमृतसर में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रईआ कस्बा अज्ञात युवकों ने पुलिस टीम पर धावा बोल दिया। पुलिस पर गोली चलाई गई और शुभम को लेकर फरार हो गए। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस के एक ASI को दाएं पैर में गोली मारकर घायल कर दिया। जिसे इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है। घायल ASI की हालत गंभीर बनी हुई है।
कैसे हो गई इतनी बड़ी वारदात
दरअसल पुलिस बस में शुभम को लेकर पेशी के लिए जा रही थी। इसी दौरान कुछ अपराधी आए, गैंगस्टर शुभम को साथ लेकर फरार हो गए। इस दौरान हुई फायरिंग में एक ASI के पैर में गोली लगी। बताया जाता है कि गैंगस्टर शुभम के साथी दो कारों में सवार हो कर आए थे और उनमें से एक गैंगस्टर की पहचान साहिल के रूप में की गई है। जिस तरह से यह वारदात सामने आई है उससे साफ जाहिर है कि बदमाशों को साफ-साफ पता था कि शुभम को किस रास्ते ले जाया जा रहा था।
हिस्ट्रीशीटर अपराधी है फरार शुभम
पुलिस कस्टडी से फरार गैंगस्टर शुभम हिस्ट्रीशीटर है और उसकी कई मामलो में तलाशी की जा रही है। कई बार पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की थी, लेकिन वो चकमा देकर फरार हो गया। 28 जुलाई 2016 को शुभम ने अपने साथियों के साथ मिलकर मजीठा रोड पर गोलियां चलाकर हरदेव सिंह और उसके मुलाजिम राजू को गोलियों से छलनी कर दिया था। इसी दिन शुभम ने मजीठा रोड बाइपास से एक इनोवा कार लूटी थी। उस पर छेड़छाड़ और लूटपाट के कई मामले भी दर्ज थे।
गैंगस्टर शुभम के खिलाफ दर्ज मामले
- रामबाग थाने में 15 मई 2014 को मारपीट का केस दर्ज
- 8 जुलाई 2016 को गोलियां चलाने और मारपीट के आरोप में केस
- 26 जुलाई 2016 को दो की हत्या, हत्या का प्रयास और गोलियां चलाने केस
- 5 जनवरी 2016 को गोलियां चलाकर लूट करने का मामला दर्ज
- 6 अप्रैल 2016 को जानलेवा हमले का मामला दर्ज
- 28 फरवरी 2014 में घर में घुसकर मारपीट को केस
- रामबाग थाने में 29 फरवरी 2016 को मारपीट का मामला
- सिविल लाइन थाने में 27 जुलाई 2016 को लूट का मामला दर्ज
- सदर थाने में 6 अगस्त 2016 को नशीले पदार्थों की बरामदगी का केस
