पंजाब स्टेट फूड कमीशन ने 3 महीने के राशन के लिए एक ही पर्ची और बहुभाषी लेन-देन रसीदें जारी करने की सिफारिश की

चंडीगढ़, 26 जून : पंजाब स्टेट फूड कमीशन ने आज यहां आयोजित एक बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक सरल, प्रभावी और जनहितैषी…

Punjab State Food Commission Bats

चंडीगढ़, 26 जून : पंजाब स्टेट फूड कमीशन ने आज यहां आयोजित एक बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक सरल, प्रभावी और जनहितैषी बनाने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श किया।

कमीशन के सदस्यों विजय दत्त और चेतन प्रकाश धालीवाल ने चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा को अवगत कराया कि विभिन्न जिलों के दौरे के दौरान डिपो होल्डरों ने बताया कि राज्य सरकार लाभार्थियों को एक बार में तीन माह के गेहूं का आवंटन करती है, लेकिन ई-पीओएस मशीनों के माध्यम से प्रत्येक महीने के लिए अलग-अलग लेन-देन की रसीद (स्लिप) जारी करनी पड़ती है।

इसके अतिरिक्त, ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत वितरित किए जाने वाले फूड किट के लिए भी अलग से एक स्लिप जारी की जाती है। इस प्रकार प्रत्येक लाभार्थी के लिए कुल चार स्लिपें तैयार करनी पड़ती हैं—तीन माह के गेहूं के लिए तीन अलग-अलग स्लिपें तथा ‘मेरी रसोई’ योजना के लिए एक अतिरिक्त स्लिप। इस पूरी प्रक्रिया में प्रति लाभार्थी लगभग 20 से 25 मिनट का समय लग जाता है, जिससे उचित मूल्य की राशन दुकानों (फेयर प्राइस शॉप्स) के बाहर लंबी कतारें लग जाती हैं और डिपो संचालकों व उनके कर्मचारियों पर कार्यभार भी बढ़ जाता है।

डिपो होल्डरों ने सुझाव दिया कि कार्यकुशलता बढ़ाने और समय की बचत के लिए तीन माह के राशन की पात्रता को एक ही लेन-देन (सिंगल ट्रांजैक्शन) के माध्यम से कवर करते हुए केवल एक संयुक्त स्लिप जारी की जाए। साथ ही, ‘मेरी रसोई’ योजना के अंतर्गत होने वाले वितरण को भी इसी प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि वर्तमान में जारी होने वाली स्लिपें केवल अंग्रेजी भाषा में होती हैं, जिन्हें अधिकांश लाभार्थी समझ नहीं पाते। इसलिए सुझाव दिया गया कि लेन-देन की रसीदें पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी—तीनों भाषाओं में जारी की जाएं, ताकि सभी लाभार्थियों को जानकारी आसानी से समझ आ सके।

इस विषय पर विस्तृत चर्चा के बाद पंजाब स्टेट फूड कमीशन ने निर्णय लिया कि इस संबंध में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव को एक सलाह (एडवाइजरी) जारी की जाएगी, ताकि आवश्यक सुधारों पर विचार किया जा सके।

इसी प्रकार, कमीशन ने सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग को भी सलाह देने का निर्णय लिया कि फाजिल्का, फिरोजपुर और होशियारपुर जिलों में एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों को सूखा राशन समय पर और निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *