पंजाब पुलिस की ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम ने पूरे किए 322 दिनः 45 हजार से अधिक तस्करों को किया गिरफ्तार, 90 हजार व्यक्तियों को इलाज के लिये नशा छुड़ाऊ केंद्रों में भेजा

चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार पंजाब से नशों के कोढ़ को जड़ से खत्म करने के लिए सफलतापूर्वक चलाई जा रही नशा विरोधी…

Mann Govt's Yudh Nashean Virudh Brings Over 90,000 Drug Abuse ictims Into De-addiction, Treatment & Recovery Across Punjab

चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार पंजाब से नशों के कोढ़ को जड़ से खत्म करने के लिए सफलतापूर्वक चलाई जा रही नशा विरोधी मुहिम ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ के 322वें दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब पुलिस ने आज पूरे राज्य में पहचाने गए ड्रग हॉटस्पॉटों – नशों और नशीले पदार्थों की बिक्री वाली जगहों – पर एक राज्य स्तरीय घेराबंदी और तलाशी अभियान (कासो) चलाया।

यह तलाशी अभियान (कासो) पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव के निर्देशों पर राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक एक साथ चलाया गया और पंजाब पुलिस मुख्यालय, चंडीगढ़ के स्पेशल डीजीपी/एडीजीपी/आईजीपी/डीआईजी रैंक के अधिकारियों को इस कार्रवाई की व्यक्तिगत निगरानी के लिए विभिन्न जिलों में तैनात किया गया था।

दिन भर चले इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीमों ने राज्य भर के 831 ड्रग हॉटस्पॉटों पर छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप 227 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार करके 200 एफआईआज़ दर्ज की गईं। पुलिस टीमों ने गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों के कब्जे से 745 ग्राम हेरोइन, 1.2 किलो अफीम, 550 ग्राम गांजा, 4935 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 8750 रुपये की ड्रग मनी भी बरामद की।

कानून एवं व्यवस्था के स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला, जो मोहाली में ड्रग हॉटस्पॉट्स पर की गई इस कार्रवाई की व्यक्तिगत निगरानी के लिए दौरा पर थे, ने कहा कि 1 मार्च 2025 को शुरू की गई ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम के परिणामस्वरूप राज्य भर में 45,028 नशा तस्करों को गिरफ्तार करने के बाद 31,370 एफआईआरज़ दर्ज की गईं और नशा तस्करों के कब्जे से 1961 किलो हेरोइन, 607 किलो अफीम, 27.5 क्विंटल भुक्की, 47.57 लाख नशीली गोलियां/कैप्सूल, 28 किलोग्राम आई.सी.ई. और 15.4 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई।

स्पेशल डीजीपी ने कहा कि 45,000 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार करने के अलावा पंजाब पुलिस ने रोकथाम के हिस्से के रूप में राज्य भर में 90,000 से अधिक प्रभावित व्यक्तियों को नशा छुड़ाने या ओओएटी केंद्रों में इलाज के लिए भेजा है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने राज्य से नशों के खात्मे के लिए तीन पक्षीय रणनीति – प्रवर्तन, डी-एडिक्शन और प्रिवेंशन – लागू की है।

उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘सेफ पंजाब’ एंटी-ड्रग व्हाट्सएप चैटबॉट – 97791-00200 – को भारी समर्थन मिला है, जिसमें आम लोगों के सुझावों के बाद 11,591 से अधिक एफ.आई.आरज़. दर्ज की गई हैं। उन्होंने अन्य लोगों से भी सेफ पंजाब हेल्पलाइन का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की ताकि नागरिकों की पहचान गोपनीय रखते हुए उनकी दी गई सूचना के आधार पर नशों और नशा कारोबारियों पर नकेल कसी जा सके।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पुलिस कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों और सीनियर पुलिस सुपरिंटेंडेंट को पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए कहा है। पंजाब सरकार ने नशों के खिलाफ जंग की निगरानी के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अगुवाई में 5 सदस्यीय कैबिनेट सब कमेटी का भी गठन किया है।

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