न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया :
हरियाणा में जाटों सहित 6 जातियों को आरक्षण पर रोक बरकरार रहेगी। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए बैकवर्ड कमीशन को डाटा जमा करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही रिपोर्ट तैयार करके ये बताने को कहा है कि किसे कितना आरक्षण मिलना चाहिए। इसके लिए कोर्ट ने कमीशन को 31 मार्च 2018 तक का समय दिया है।
जाटों सहित 6 जातियों के आरक्षण पर रोक बरकरार
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला
कमीशन आंकड़ा जुटाकर रिपोर्ट दे-हाईकोर्ट
जरूरत पड़ी तो सरकार पर बनाएंगे दबाव-सूबे सिंह
वजह चाहे जो भी रही हो, लेकिन इतना तय है कि जाटों सहित 6 जातियों को आरक्षण का मसला एक बार फिर हरियाणा सरकार के पाले में आ गिरा है। बिना आंकड़ो के आरक्षण दिये जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कमीशन को आंकड़े जुटा कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। जरूरत पड़ने पर सरकार से भी आंकड़े लिये जा सकते हैं। या आम आदमी भी आंकड़े दे सकता है। फिर कमीशन अलग अलग आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करके सरकार को सौंपेंगा। इसके लिए तारीख भी तय कर दी गई है।
कोर्ट के फैसले के बाद जाट नेता भी कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। हालांकि किसी समय सरकार के साथ दिखने वाले सूबे सिंह समैण ये कहने से भी नहीं चूक रहे कि जरूरत पड़ने पर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।
शुक्रवार को जस्टिस एस.एस.सरों का हाईकोर्ट में आखिरी दिन था. जाने से पहले उन्होंने अपना फैसला सुना दिया है। एक बार फिर मामला आंकड़ेबाजी में उलझ गया है। आंकड़ों की भूलभुलैया है ही कुछ ऐसी कि नतीजे तक पहुंचने ही नहीं देती.
