Parliament Special Session:
131वां संविधान संशोधन विधेयक यानी कि महिला आरक्षण बिल 2026 लोकसभा में नहीं हो सका. लगातार चर्चा और वोटिंग पूरी की गई. कुल 528 सदस्यों ने मतदान किया, जिसमें 298 सांसदों ने इस विधेयक के समर्थन में मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में वोट डाला. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह विधेयक दो-तिहाई सदस्यों द्वारा पारित नहीं हो सका. अब इस संविधान संशोधन विधेयक पर आगे की कार्यवाही करना संभव नहीं है. दो अन्य विधेयकों के संबंध में आगे की कार्यवाही पर सत्ता पक्ष द्वारा निर्णय लिया जाना है.
इसके आलावा इस बिल के साथ सरकार जो दो अन्य बिल लोकसभा में लेकर आई थी उसे वापस ले लिया. साथ ही लोकसभा शनिवार सुबह 11 बजे के लिए स्थगित कर दिया गया है. यदि विधेयक लोकसभा में पारित नहीं होता है, तो इसे राज्यसभा में पेश ही नहीं किया जाएगा.
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि महिलाओं के आरक्षण देने के लिए जिससे लड़ना पड़े, लड़ेंगे लेकिन उनका हक दिलाकर रहेंगे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष हमेशा हमारे द्वारा लाए गए सभी बिल और कानून का विरोध किया. उन्होंने सभी उन बिल को गिनाए, जिनका विरोध विपक्ष किया गया. हमने 370 हटाया इन्होंने विरोध किया. हमने 370 हटाया इन्होंने विरोध किया. राम मंदिर बनाया इन्होंने विरोध किया. तीन तलाक हटाया इन्होंने विरोध किया. सर्जिकल स्ट्राइक किया इन्होंने विरोध किया.
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