India-US Trade Deal Protest in Parliament:
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के ख़िलाफ़ विपक्ष के सांसदों ने गुरुवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया. शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की कई शर्तों पर सवाल उठाए हैं. इस प्रदर्शन के कारण सदन की कार्यवाही शुरु होने के सात मिनट के भीतर ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. वहीं, विपक्षी सांसदों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ संसद भवन परिसर में भी प्रदर्शन किया.
विपक्षी सांसदों का संसद परिसर में प्रदर्शन-
विपक्षी सांसदों ने बृहस्पतिवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. विपक्ष ने सरकार पर भारतीय हितों का ‘समर्पण’ करने का आरोप लगाया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश, द्रमुक नेता के टी.आर. बालू, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव और जया बच्चन,

भाकपा- (माले) लिबरेशन के सांसद सुदामा प्रसाद सहित अन्य नेताओं ने संसद के मकर द्वार के पास प्रदर्शन में हिस्सा लिया. उन्होंने एक बड़ा बैनर ले रखा था जिस पर ‘ट्रैप डील’ लिखा हुआ था.
विपक्षी सांसदों ने ‘नरेन्दर सरेंडर’ लिखे हुए पोस्टर भी ले रखे थे. विपक्षी सांसदों ने “देश को बेचना बंद करो” जैसे नारे लगाए. बाद में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कई अन्य कांग्रेस सांसदों के साथ मकर द्वार की सीढ़ियों पर खड़े होकर इस व्यापार समझौते के खिलाफ प्रदर्शन किया.
एक फरमान जारी हुआ-
विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच ही कांग्रेस सदस्य प्रभा मल्लिकार्जुन ने पूरक प्रश्न पूछा, जिसका उत्तर ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद नाईक ने दिया. पीठीसीन सभापति ने विपक्षी सदस्यों से नारेबाजी बंद करने और सदन चलने देने की अपील की.
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ऐसा लगता है कि एक फरमान जारी हुआ, जहां कह रहे हैं कि आप अपने सारे बाज़ार खोलिए. आप ज़ीरो फ़ीसदी टैरिफ़ पर सामान भेजेंगे और हमारा जो टैरिफ़ होगा वह 18 फ़ीसदी लागू होगा. इसके अलावा उन्होंने ‘500 बिलियन डॉलर के व्यापार के वादे’ और रूसी तेल ख़रीद पर ट्रंप की रोक को लेकर भी सवाल उठाया है.
भारत व्यापारिक घाटे में-
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि अमेरिका के साथ जो व्यापार समझौता हुआ है उससे भारत ‘व्यापारिक घाटे में आ जाएगा’. इमरान मसूद ने कहा, हमारा व्यापारिक लाभ लगभग 45 (बिलियन डॉलर) का है. अब जो समझौता हुआ है उसके बाद पहले साल ही हमारा व्यापारिक घाटा 13 बिलियन डॉलर का होगा. चीन के साथ हमारा पहले से ही व्यापारिक घाटा चल रहा है. उन्होंने सवाल किया कि अगर सब कुछ खोल दिया जाएगा, तो भारत के उत्पादों का क्या होगा?
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