संगरूर, 9 मई:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज संगरूर जिले के गांव भलवान से गरीबों और जरूरतमंद परिवारों को पौष्टिक खुराक उपलब्ध करवाने के लिए राशन किट वितरित करके ‘मेरी रसोई’ स्कीम की शुरुआत की।
इस स्कीम को बढ़ती महंगाई के दौरान संघर्ष कर रहे परिवारों पर रसोई के बोझ को कम करने के लिए अत्यंत जरूरी मदद बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार न सिर्फ ऐलान कर रही है बल्कि मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य देखभाल, महिला-केंद्रित कल्याण स्कीमों और खाद्य सुरक्षा उपायों के माध्यम से हर घर को उचित राहत प्रदान कर रही है।
उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि सामाजिक कल्याण को मजबूत करने के साथ-साथ ‘आप’ सरकार बुनियादी ढांचे का तेजी से आधुनिकीकरण कर रही है और आने वाले समय में पंजाब को पूरी तरह “खंभा-मुक्त” राज्य बनाने के लिए जमीनदोज बिजली केबलिंग का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
स्कीम के शुभारंभ समारोह के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछली सरकारों ने कल्याणकारी उपायों को सिर्फ गेहूं और दालों की वितरण तक सीमित कर दिया था, जबकि पंजाब सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रयास किया है कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की रसोइयों में रोजाना जरूरतों के लिए आवश्यक सभी चीजें उपलब्ध रहें।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “‘मेरी रसोई’ योजना के तहत हर लाभार्थी परिवार को हर तीन महीने में विशेष रूप से तैयार की गई राशन किट मिलेगी, जिसमें सरसों का तेल, दाल, चीनी, नमक, हल्दी और घरेलू रसोई चलाने के लिए जरूरी अन्य वस्तुएं होंगी।”
इस बात पर जोर देते हुए कि यह योजना आम परिवारों की सामान्य जरूरतों, खासकर घरेलू जिम्मेदारियां संभालने वाली महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मजबूत और खुशहाल पंजाब तभी बनाया जा सकता है जब हर घर की रसोई चलती रहे और कोई बच्चा भूखा न सोए।
उन्होंने कहा, “बच्चों के लिए पौष्टिक खुराक उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और खेलों में भागीदारी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हमारी सरकार चाहती है कि हर घर में पौष्टिक और जरूरी भोजन पदार्थों की पहुंच हो ताकि बच्चे प्रोटीन की कमी के कारण कमजोरी का शिकार न हों।”
पंजाब सरकार के लोक कल्याण-मुखी शासन मॉडल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लगभग 90 प्रतिशत घरों को अब जीरो बिजली बिल मिल रहे हैं, जिससे परिवारों को पैसे बचाने और घरेलू खर्च चलाने में काफी मदद मिल रही है।
कृषि और सिंचाई सुधारों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने किसानों के लिए दिन में निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित की है, जिससे वे रात की मुश्किलों की बजाय दिन में अपने खेतों की सिंचाई कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने पूरे पंजाब में लगभग 14,000 किलोमीटर लंबी रजवाहों, खालों और पाइपलाइनों को बहाल कर और बिछाकर नहरी सिंचाई प्रणाली को फिर से जीवित किया है। इस ऐतिहासिक पहल ने सिंचाई सुविधाओं में सुधार किया है और भूजल को संरक्षित करने में मदद की है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि नहरी पानी की बेहतर उपलब्धता ने किसानों की ट्यूबवेल पर निर्भरता कम की है, जिससे पंजाब में तेजी से कम हो रहे भूजल स्तर के भंडारण को बचाने में बड़ी सहायता मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि “मावां-धीयां सत्कार योजना” के लिए रजिस्ट्रेशन प्रगति पर है। इस योजना के तहत हर योग्य महिला को मासिक वित्तीय सहायता दी जाएगी।
उन्होंने कहा, “18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को आगे आना चाहिए और इस स्कीम के लिए रजिस्टर करवाना चाहिए। जनरल वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए जबकि अनुसूचित जाति से संबंधित परिवारों की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपए दिए जाएंगे।”
उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं के लिए सम्मान, आत्मविश्वास और वित्तीय सहायता सुनिश्चित करना है ताकि वे अपनी घरेलू जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभा सकें।
उन्होंने आगे कहा, “दुनिया भर की सिख संगत द्वारा इस कानून को भरपूर समर्थन मिला है। सिर्फ कुछ राजनीतिक रूप से प्रेरित लोग ही इसका विरोध कर रहे हैं।”

इस समारोह के दौरान खाद्य एवं सिविल आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक, सीनियर सिविल एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी, पंचायतों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद थे।
उन्होंने आगे लिखा, “हमारी सरकार मुफ्त बिजली, ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’, ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’, किसानों को दिन में निर्बाध बिजली सप्लाई और नहरी पानी जैसी सुविधाएं प्रदान करके समाज के हर वर्ग के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। गांव सतौज से, हम पूरे राज्य से खंभे हटाने के लिए बिजली की तारों को जमीनदोज करने की ऐतिहासिक पहल भी शुरू कर रहे हैं।”



